न्यूज अपडेट्स
शिमला,17 जनवरी। हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) के चालकों ने निगम, आरटीओ और प्रशासन के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। HRTC चालक यूनियन का आरोप है कि सरकारी परिवहन व्यवस्था को कमजोर करने के उद्देश्य से निजी बस ऑपरेटरों को अनुचित लाभ पहुंचाया जा रहा है, जिससे निगम को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि नाहन सहित कई रूटों पर निजी बसों को HRTC बसों से मात्र पांच मिनट पहले की टाइमिंग दी जा रही है। इससे सवारियां निजी बसों की ओर आकर्षित हो रही हैं और निगम की बसें खाली चलने को मजबूर हैं। चालकों का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया सुनियोजित तरीके से HRTC को घाटे में धकेलने की साजिश का हिस्सा है।
नाहन विवाद बना आंदोलन की वजह
चालक यूनियन ने नाहन में HRTC के एक चालक पर दर्ज FIR को पूरी तरह से गलत और पक्षपातपूर्ण बताते हुए इसे तुरंत रद्द करने की मांग की है। यूनियन का कहना है कि निजी बस चालकों और प्रभावशाली लोगों के दबाव में HRTC कर्मचारियों को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि असल दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
RTO पर गंभीर आरोप
यूनियन ने क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO) पर आरोप लगाया कि वे निजी बस ऑपरेटरों को रूट टाइमिंग और परमिट में प्राथमिकता दे रहे हैं। इससे HRTC की आय लगातार घट रही है और निगम की सेवाओं पर सीधा असर पड़ रहा है।
भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए
चालक यूनियन ने स्नो किट आवंटन और विभागीय दौरों के दौरान होटल चयन प्रक्रिया में भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। यूनियन का कहना है कि इन मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
प्रदेशव्यापी चक्का जाम की चेतावनी
यूनियन नेताओं ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि नाहन मामले में दर्ज FIR को रद्द नहीं किया गया और रूट टाइमिंग में तुरंत सुधार नहीं हुआ, तो पूरे हिमाचल प्रदेश में HRTC बसों के पहिए थाम दिए जाएंगे। इससे आम जनता को होने वाली असुविधा की जिम्मेदारी पूरी तरह सरकार और प्रशासन की होगी।
