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शिमला, 17 जनवरी। भारत भ्रमण से लौटे ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ ने आज ओक ओवर, शिमला में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू से भेंट की और स्नेहपूर्वक अपनी यात्रा के अनुभव साझा किए। बच्चों ने मुख्यमंत्री को बताया कि यह भारत भ्रमण उनके लिए अविस्मरणीय रहा, जिसे वे जीवन भर याद रखेंगे।
मुख्यमंत्री ने बच्चों से आत्मीय संवाद करते हुए गोवा प्रवास, क्रूज यात्रा, समुद्र तट का अनुभव, हवाई यात्रा और बोर्डिंग पास प्रक्रिया के बारे में प्रश्न किए। उन्होंने आगरा भ्रमण और इस यात्रा के दौरान सीखी गई नई बातों के बारे में भी बच्चों से जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी यात्राएं मनोरंजन के साथ-साथ ज्ञानार्जन का भी सशक्त माध्यम होती हैं और बच्चों को अपने अनुभवों को जीवन में प्रेरणास्रोत के रूप में अपनाना चाहिए।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ के सपनों को साकार करने की पहल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बारहवीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद बच्चों को उच्च अध्ययन के लिए कोचिंग तथा उच्च शिक्षा का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन बच्चों के माता-पिता नहीं हैं, उनके लिए सरकार ही माता-पिता की भूमिका निभा रही है और उनका पालन-पोषण परिवार की तरह किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुख-आश्रय योजना के अंतर्गत राज्य सरकार बच्चों को केवल संरक्षण ही नहीं, बल्कि बेहतर भविष्य के लिए आवश्यक अवसर भी प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की संपदा पर इन बच्चों का भी समान अधिकार है और राज्य की संपदा का उपयोग वंचित वर्ग के कल्याण के लिए किया जा रहा है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बच्चों की यात्रा पर आधारित पुस्तिका **‘सपनों की उड़ान’** का विमोचन किया तथा भारत भ्रमण पर आधारित एक लघु वृत्तचित्र भी प्रस्तुत किया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस भ्रमण का उद्देश्य बच्चों को राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक विरासत, आधुनिक बुनियादी ढांचे और शैक्षणिक संस्थानों से परिचित कराना है, ताकि उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के अंतर्गत सराहन, टूटीकंडी और मशोबरा स्थित बाल देखभाल संस्थानों में रहने वाले 52 बच्चों को 6 जनवरी 2026 को शिमला से विशेष शैक्षणिक एवं अनुभवात्मक भारत भ्रमण पर रवाना किया गया था। इस दौरान बच्चों ने चंडीगढ़, दिल्ली, आगरा और गोवा का भ्रमण किया। यात्रा में बच्चों ने वोल्वो बस, वंदे भारत एक्सप्रेस, मेट्रो रेल, हवाई यात्रा, क्रूज यात्रा और हॉप-ऑन हॉप-ऑफ पर्यटन बस जैसे आधुनिक परिवहन साधनों का अनुभव प्राप्त किया।
दिल्ली में बच्चों ने लाल किला, कुतुब मीनार, इंडिया गेट, राजघाट, शक्ति स्थल, वीर भूमि, हुमायूं का मकबरा, राष्ट्रीय प्राणी उद्यान, राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय, नॉर्थ व साउथ ब्लॉक, इंडियन काउंसिल ऑफ वर्ल्ड अफेयर्स, त्रिवेणी कला संगम और राष्ट्रीय प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय का भ्रमण किया। आगरा में ताजमहल देखा, जबकि गोवा में उत्तर और दक्षिण गोवा के प्रमुख पर्यटन, सांस्कृतिक और शैक्षणिक स्थलों का अवलोकन किया।
इस अवसर पर महाधिवक्ता अनूप रतन, विधायक विवेक शर्मा, उपायुक्त अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
