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शिमला, 12 जनवरी। हिमाचल प्रदेश सरकार ने चिट्टे और नशे के खिलाफ अपनी शून्य सहिष्णुता नीति के तहत कड़ा कदम उठाते हुए चिट्टा गतिविधियों में संलिप्त पाए गए 11 पुलिस कर्मियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। यह कार्रवाई एनडीपीएस एक्ट के मामलों में संलिप्तता सामने आने पर भारतीय संविधान के अनुच्छेद 311(2)(बी) के तहत की गई। सरकार के इस फैसले को पुलिस बल के भीतर अनुशासन और कानून के राज को सख्ती से लागू करने का स्पष्ट संदेश माना जा रहा है।
सेवा से बर्खास्त किए गए पुलिस कर्मियों में विभिन्न इकाइयों में तैनात अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं। इनमें भारतीय रिजर्व बटालियन, एसडीआरएफ, स्टेट सीआईडी, जिला पुलिस तथा एसवी एंड एसीबी में तैनात इंस्पेक्टर और कांस्टेबल शामिल हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि कानून की रक्षा करने वाले यदि स्वयं कानून तोड़ते पाए जाएंगे, तो उनके लिए पुलिस बल में कोई स्थान नहीं होगा।
शिमला में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि चिट्टा तस्करी और अवैध नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह सरकारी कर्मचारी ही क्यों न हो। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि चिट्टे की तस्करी और उससे जुड़ी गतिविधियों में संलिप्त कर्मचारियों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शीघ्र मुख्य सचिव को भेजी जाए। साथ ही चिट्टे से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर उन्हें ध्वस्त करने की कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।
पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने बैठक में पुलिस विभाग द्वारा चिट्टे के खिलाफ की गई कार्रवाइयों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री ने बताया कि 21 और 22 जनवरी को प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में एंटी चिट्टा ग्राम सभाएं आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही प्रदेश भर में एंटी चिट्टा अवेयरनेस स्पोर्ट्स टूर्नामेंट भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने चिट्टे की सूचना देने वालों के लिए ईनाम राशि की भी घोषणा की। दो ग्राम तक की सूचना पर 10 हजार रुपये, पांच ग्राम पर 25 हजार रुपये, 25 ग्राम पर 50 हजार रुपये, एक किलो पर पांच लाख रुपये तथा एक किलो से अधिक मात्रा की सूचना पर 10 लाख रुपये तक का ईनाम दिया जाएगा। बड़े गिरोह की सूचना देने वालों को इससे अधिक ईनाम राशि भी प्रदान की जाएगी।
उन्होंने बताया कि चिट्टे से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी साझा करने के लिए प्रदेश सरकार ने 112 आपातकालीन नंबर उपलब्ध कराया है और आम जनता से अपील की है कि वे नशे के खिलाफ इस मुहिम में सरकार का सहयोग करें।
