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शिमला, 09 जनवरी। आईजीएमसी शिमला में मरीज से हुए विवाद के मामले में राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए डॉ. राघव निरुला की सेवाएं बहाल कर दी हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, हिमाचल प्रदेश ने 9 जनवरी 2026 को जारी आदेश में 24 दिसंबर 2025 को जारी बर्खास्तगी आदेश को रद्द कर दिया है।
आदेश के अनुसार, 22 दिसंबर 2025 को आईजीएमसी शिमला के मेल पल्मोनरी वार्ड में मरीज अर्जुन और सीनियर रेजिडेंट डॉ. राघव निरुला के बीच कहासुनी व हाथापाई की घटना हुई थी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। प्रारंभिक जांच के आधार पर डॉ. राघव निरुला को निलंबित किया गया और बाद में उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं।
मामले की पुनः जांच के लिए गठित समिति ने 2 जनवरी 2026 को अपनी रिपोर्ट में निष्कर्ष निकाला कि यह घटना दोनों पक्षों की क्षणिक उत्तेजना का परिणाम थी और यह एक अलग-थलग मामला था। समिति ने यह भी माना कि डॉ. राघव निरुला के खिलाफ पहले कोई शिकायत दर्ज नहीं थी। डॉक्टर द्वारा बिना शर्त माफी और खेद व्यक्त करने को भी संज्ञान में लिया गया।
समिति ने अनुशासनात्मक कार्रवाई को दंडात्मक के बजाय सुधारात्मक बताते हुए सरकार को सहानुभूतिपूर्वक पुनर्विचार की सिफारिश की। इस पर विचार करते हुए सक्षम प्राधिकारी ने डॉ. राघव निरुला (मेडिकल ऑफिसर, पल्मोनरी मेडिसिन – संविदा) की बर्खास्तगी का आदेश वापस लेने का निर्णय लिया।
हालांकि आदेश में डॉ. राघव निरुला को भविष्य में उच्चतम पेशेवर आचरण, संयम और चिकित्सा नैतिकता का कड़ाई से पालन करने की सख्त हिदायत दी गई है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि इस प्रकार की किसी भी पुनरावृत्ति पर नियमों के तहत कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
