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शिमला, 06 जनवरी। मानव भारती यूनिवर्सिटी, सोलन से जुड़े बहुचर्चित फर्जी डिग्री घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को बड़ी कानूनी सफलता मिली है। माननीय विशेष न्यायालय (पीएमएलए), शिमला ने इस मामले के प्रमुख आरोपियों आशोनी कंवर और उनके बेटे मनदीप राणा को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया है। दोनों आरोपी वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया में रह रहे हैं और भारत लौटने से इनकार कर चुके हैं।
ईडी की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार यह आदेश भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम (FEOA), 2018 के तहत पारित किया गया है। ईडी के शिमला उप-आंचलिक कार्यालय ने फर्जी डिग्री घोटाले की विस्तृत जांच के आधार पर अदालत में आवेदन दायर किया था, जिसे स्वीकार करते हुए न्यायालय ने दोनों आरोपियों को भगोड़ा घोषित कर दिया।
बताया जा रहा है कि मानव भारती यूनिवर्सिटी के माध्यम से हजारों छात्रों को फर्जी डिग्रियां जारी की गईं, जिससे न केवल युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ बल्कि सरकारी और निजी संस्थानों में नियुक्तियों को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हुए। जांच में करोड़ों रुपये के लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग के सबूत सामने आए हैं।
ईडी अब भगोड़ा घोषित किए गए आरोपियों की भारत स्थित संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया को तेज करेगी। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कानूनी कार्रवाई के विकल्प तलाशे जा रहे हैं, ताकि आरोपियों को भारत लाकर कानून के कठघरे में खड़ा किया जा सके।
मानव भारती यूनिवर्सिटी फर्जी डिग्री घोटाला हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े शिक्षा घोटालों में से एक माना जा रहा है, जिसकी जांच अभी भी विभिन्न एजेंसियों द्वारा जारी है।
