न्यूज अपडेट्स
शिमला, 12 जनवरी। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। निगम प्रबंधन ने कर्मचारियों को सैलरी अकाउंट के साथ व्यापक बैंकिंग और बीमा सुविधाएं उपलब्ध करवाई हैं। इस नई व्यवस्था के तहत एचआरटीसी में कार्यरत करीब 11 हजार से अधिक कर्मचारियों को बिना किसी अतिरिक्त खर्च के करोड़ों रुपये तक का बीमा कवर और कई वित्तीय लाभ मिलेंगे।
निगम प्रबंधन और हिमाचल परिवहन मजदूर संघ के निरंतर प्रयासों से यह सुविधा लागू हो पाई है। हाल ही में आयोजित एचआरटीसी की 162वीं बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी, जिसके बाद विभिन्न बैंकों के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इसके तहत कर्मचारियों को एनईओ, एक्सल, ओपीटीआईएमए और आईएमपीईरियल श्रेणियों में सैलरी अकाउंट की सुविधा दी जा रही है।
संघ के प्रदेश महामंत्री हरीश कुमार पराशर ने बताया कि एमओयू के तहत कर्मचारियों को पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस 30 लाख से 1.25 करोड़ रुपये तक, एयर एक्सीडेंट इंश्योरेंस 60 लाख से 2.50 करोड़ रुपये तक, टर्म इंश्योरेंस 2 लाख से 8 लाख रुपये तक तथा स्थायी या आंशिक विकलांगता की स्थिति में 15 लाख से 1.25 करोड़ रुपये तक का बीमा कवर मिलेगा। इसके अलावा परिवार सुरक्षा लाभ के अंतर्गत जीवनसाथी और बच्चों के लिए बीमा, बच्चों की शिक्षा सहायता, आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में पांच लाख रुपये तक बालिका विवाह सहायता का प्रावधान भी किया गया है।
उन्होंने बताया कि कर्मचारियों को जीरो बैलेंस सैलरी अकाउंट, अनलिमिटेड ट्रांजेक्शन, आरटीजीएस, एनईएफटी और आईएमपीएस की सुविधा मिलेगी। साथ ही चेकबुक, एसएमएस अलर्ट, लॉकर सुविधा पर 25 से 100 प्रतिशत तक की छूट, डेबिट कार्ड ट्रांजेक्शन पर रिवार्ड प्वाइंट और होम, पर्सनल व व्हीकल लोन पर विशेष दरों का लाभ भी मिलेगा।
संघ पदाधिकारियों ने बताया कि इसी तरह की नीति पहले गुजरात परिवहन कर्मचारियों के लिए लागू थी। वर्ष 2023 में गुजरात से पॉलिसी दस्तावेज लाकर तत्कालीन और वर्तमान प्रबंधन के समक्ष यह प्रस्ताव रखा गया था, जिस पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए अब इसे एचआरटीसी कर्मचारियों के लिए लागू किया गया है।
संघ ने इस कर्मचारी हितैषी निर्णय के लिए निगम के उपाध्यक्ष अजय वर्मा, प्रबंध निदेशक निपुण जिंदल और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया है। प्रदेश अध्यक्ष प्यार सिंह ठाकुर सहित संघ के सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने इसे एचआरटीसी कर्मचारियों के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है।
