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सिरमौर, 04 जनवरी। हिमाचल प्रदेश के एक युवक के साथ विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी का गंभीर मामला सामने आया है। एजेंट ने मोटी कमाई का लालच देकर युवक से पैसे लिए और उसे थाइलैंड भेज दिया। वहां से उसे अवैध तरीके से म्यांमार पहुंचाया गया, जहां जबरन साइबर अपराध में धकेल दिया गया। युवक से फर्जी पहचान बनाकर अश्लील वीडियो कॉल करवाई जाती थी। बाद में भारतीय दूतावास की मदद से उसकी वापसी हो सकी।
मिली जानकारी के अनुसार, सिरमौर जिले के अंतर्गत आते शिलाई क्षेत्र के कांड़ो गांव निवासी एक युवक को विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर बेहतर कमाई का सपना दिखाकर पहले ठगा गया और फिर उससे जबरन साइबर अपराध करवाया गया। पीड़ित युवक ने बताया कि, कुछ समय पहले उसके मोबाइल फोन पर एक एजेंट लगातार संपर्क कर रहा था।
एजेंट ने विदेश में अच्छी नौकरी और मोटी तनख्वाह का लालच दिया। युवक भरोसे में आ गया और एजेंट को करीब 70 हजार रुपये दे दिए। इसके बाद उसे थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक भेजा गया। वहां पहुंचने के बाद युवक को अहसास हुआ कि हकीकत वादों से बिल्कुल अलग है।
थाईलैंड पहुंचते ही युवक और अन्य युवकों को सीमावर्ती इलाके में ले जाया गया। जंगलों और दुर्गम रास्तों से अवैध रूप से म्यांमार की सीमा पार करवाई गई। इस दौरान उन्हें न तो सही जानकारी दी गई और न ही किसी तरह की कानूनी प्रक्रिया अपनाई गई। म्यांमार पहुंचने के बाद युवक को एक कंपनी में जबरन काम पर लगा दिया गया। यहां युवक से साइबर ठगी से जुड़े काम करवाए जाने लगे।
उसकी फर्जी महिला आईडी बनाई गई और उससे लड़की बनकर अमेरिका सहित अन्य देशों के लोगों से चैट करवाई जाती थी। इतना ही नहीं, उसे एआई तकनीक के जरिए अश्लील लाइव वीडियो कॉल करने के लिए भी मजबूर किया गया। युवक ने जब इस काम से इंकार किया और भारत लौटने की इच्छा जताई, तो उससे भारी रकम की मांग की गई।
कुछ समय बाद थाईलैंड की सेना ने युवक को रेस्क्यू किया, लेकिन अवैध रूप से सीमा पार करने के आरोप में उसे आठ दिन तक जेल में भी रहना पड़ा। आखिरकार 10 नवंबर 2025 को भारतीय दूतावास के हस्तक्षेप से युवक को सुरक्षित भारत वापस लाया गया। भारत लौटने के बाद पीड़ित ने शिलाई थाना में शिकायत दर्ज करवाई, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
