न्यूज अपडेट्स
सोलन, 09 जनवरी। हिमाचल प्रदेश में ट्रायल के लिए पहुंची पथ परिवहन निगम की चर्चित ई-बस में एक और दिलचस्प खुलासा हुआ है। कंपनी ने बस को ट्राले में लादकर सोलन तो भेज दिया, लेकिन बस के साथ चाबी नहीं भेजी। इस कारण निगम अधिकारियों को बस उतारने में काफी दिक्कतें आईं। निगम ने चाबी को मंगवाने के लिए कंपनी से संपर्क किया। इसके बाद बस की चाबी को कंपनी ने हैदराबाद से हवाई जहाज में भेजा। चाबी हैदराबाद से चंडीगढ़ आने के बाद देर शाम सोलन पहुंची। इसके बाद बस को ट्राले से उतारा गया। वहीं, अधिकारियों के सुर भी अब बदलते नजर आ रहे हैं। चाबी न होने से परेशान अधिकारियों ने ट्राले को सुरक्षित जगह पर खड़ा करने का दावा भी किया है।
वहीं, पहले दिन सोलन से अर्की वाया ममलीग रूट पर बस का ट्रायल किया। इस दौरान निगम और कंपनी के अधिकारियों ने बस की जांच भी की। बस की फुल चार्जिंग करने के बाद सोलन से अर्की तक भेजा गया। इस दौरान मौजूद अधिकारियों ने पता लगाया कि बस फुल चार्जिंग करने के बाद कितने किलोमीटर चलती है। इसी के साथ अन्य व्यवस्था की भी जांच की। निगम की ओर से आने वाले दिनों में अन्य जगहों के ट्रायल होंगे। इसके बाद रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। रिपोर्ट के बाद ही निगम की ओर से ई-बस की खरीद की जाएगी।
बता दें कि सोमवार को शाम 6:00 बजे ई-बस हैदराबाद से सोलन पहुंची थी। इसके बाद बस को एचआरटीसी वर्कशाॅप पर खड़ा किया। वर्कशाॅप में उतारने की उपयुक्त जगह न होने से मंगलवार को बस को सेब मंडी के पास खड़ा कर दिया। यहां पर जब बस को मिट्टी के ढेर पर उतारने के लिए टीम ने चाबी मांगी तो वे नहीं मिल सकी। यह भी एक कारण रहा कि बस को ट्राले से नहीं उतारा जा सका।
बस को ट्राले से उतार दिया गया है। इसका ट्रायल भी शुरू हो गया है। वीरवार को सोलन से अर्की का ट्रायल किया है। - सुरेंद्र राजपूत, क्षेत्रीय प्रबंधक, एचआरटीसी सोलन।
