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शिमला, 06 जनवरी। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश सचिवालय से मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के अंतर्गत राज्य के चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशंस (सीसीआई) सराहन, टूटीकंडी और मशोबरा में रह रहे ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ को विशेष शैक्षणिक एवं अनुभवात्मक भ्रमण के लिए रवाना किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बच्चों से संवाद किया और उन्हें यात्रा का भरपूर लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
इस शैक्षणिक भ्रमण में तीनों बाल देखभाल संस्थानों में रह रहे कुल 52 बच्चे भाग ले रहे हैं। यह भ्रमण कार्यक्रम 15 जनवरी 2026 तक चलेगा, जिसके दौरान बच्चे देश के प्रमुख शहरों और ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक स्थलों का दौरा करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य बच्चों को ज्ञान, अनुभव और विविध विषयों को समझने के अवसर प्रदान करना है, ताकि उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।
मुख्यमंत्री ने बताया कि यात्रा कार्यक्रम के तहत बच्चे चंडीगढ़, दिल्ली, आगरा और गोवा का भ्रमण करेंगे। इस दौरान उन्हें वोल्वो बस, वंदे भारत एक्सप्रेस, मेट्रो रेल, हवाई यात्रा, क्रूज यात्रा और हॉप-ऑन हॉप-ऑफ टूरिस्ट बस जैसे आधुनिक परिवहन साधनों का अनुभव भी कराया जाएगा।
दिल्ली प्रवास के दौरान बच्चे लाल किला, कुतुब मीनार, इंडिया गेट, राजघाट, शक्ति स्थल, वीर भूमि, हुमायूं का मकबरा, राष्ट्रीय प्राणी उद्यान, राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय, नॉर्थ ब्लॉक, साउथ ब्लॉक, इंडियन काउंसिल ऑफ वर्ल्ड अफेयर्स, त्रिवेणी कला संगम और राष्ट्रीय प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय का भ्रमण करेंगे। आगरा में ताजमहल और गोवा में उत्तर व दक्षिण गोवा के प्रमुख पर्यटन, सांस्कृतिक और शैक्षणिक स्थलों का दौरा भी कार्यक्रम में शामिल है।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत राज्य सरकार इन बच्चों को केवल संरक्षण ही नहीं, बल्कि बेहतर भविष्य के लिए आवश्यक अवसर भी प्रदान कर रही है। ऐसे शैक्षणिक एवं अनुभवात्मक भ्रमण बच्चों में आत्मविश्वास, जिज्ञासा, राष्ट्रीय एकता और सामाजिक चेतना को मजबूत करेंगे। उन्होंने अधिकारियों को बच्चों की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री पद की शपथ के बाद मुख्यमंत्री सुक्खू ने राज्य के निराश्रित बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की जिम्मेदारी उठाने का संकल्प लिया था। 28 फरवरी 2023 से मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत प्रदेश में 4000 अनाथ बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ के रूप में अपनाया गया है, जिन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, जेब खर्च, करियर काउंसलिंग, देश-विदेश भ्रमण और स्टार्ट-अप के लिए आर्थिक सहायता जैसी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
