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शिमला, 11 जनवरी। हरिपुरधार में हुए बस हादसे के बाद हिमाचल प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाया है। पुलिस मुख्यालय ने प्रदेश के सभी जिला पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को निर्देश जारी करते हुए सरकारी और निजी बसों में यातायात नियमों की गंभीर अवहेलना पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। इसमें विशेष चेकिंग अभियान चलाकर बस चालकों और परिचालकों की भी जिम्मेदारी तय की जाएगी।
पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि ओवर स्पीड, ओवरलोडिंग, खतरनाक मोड़ पर लापरवाही, क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने, तकनीकी खामियों के बावजूद बसों के संचालन, शराब या नशे की हालत में वाहन चलाने और बिना वैध दस्तावेज बस चलाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, साथ ही पहाड़ी क्षेत्रों में बसों की फिटनेस, ब्रेक सिस्टम और इमरजेंसी उपकरणों की भी जांच की जाएगी।
नियमों की अनदेखी करने पर पुलिस मोटर वाहन अधिनियम की विभिन्न धाराओं में कार्रवाई करेगी। इनमें मोटर वाहन अधिनियम में तेज गति से वाहन चलाने, खतरनाक तरीके से ड्राइविंग, नशे की हालत में वाहन चलाने, बिना परमिट वाहन चलाने, ओवरलोडिंग करने पर कार्रवाई होगी। एक से अधिक अनियमितताओं पर वाहन भी जब्त किया जाएगा। गंभीर मामलों में भारतीय न्याय संहिता (पूर्व में आईपीसी) की धारा 281 (लापरवाही से वाहन चलाना), धारा 106 (लापरवाही से मृत्यु) और धारा 125/125ए जैसी धाराओं के तहत भी केस दर्ज किया जाएगा है।
पुलिस मुख्यालय ने जिला एसपी को निर्देश दिए हैं कि लंबी दूरी की बसों और दुर्गम क्षेत्रों में चलने वाली बसों पर विशेष नजर रखी जाए। प्रदेश पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि कहीं नियमों का उल्लंघन दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते हादसों को रोका जा सके।
