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शिमला, 11 जनवरी। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने पर्यटकों की सुविधा, सुरक्षा और स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से नगर निगम शिमला को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। शनिवार देर सायं मालरोड़ शिमला एवं अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों का दौरा करने के उपरांत मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शहर में कार्यरत विभिन्न वेंडर खाद्य पदार्थों एवं अन्य वस्तुओं के निर्धारित मूल्य से अधिक दाम न वसूलें, यह सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, सुरक्षा और स्वच्छता बनाए रखने के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा एवं विनियमन निदेशालय तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा निर्धारित मापदंडों की सख्ती से अनुपालना की जाए। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए।
उन्होंने कचरे के सुरक्षित एवं उचित निपटान पर भी बल देते हुए कहा कि स्वच्छता किसी भी क्षेत्र की छवि का महत्वपूर्ण आधार होती है। शिमला आने वाले पर्यटकों को बेहतरीन यात्रा अनुभव मिलना चाहिए, वहीं स्थानीय निवासियों की सुविधा का ध्यान रखना भी उतना ही आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार शहरी क्षेत्रों में जन सेवाओं को बेहतर और अधिक सुलभ बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी कड़ी में हाल ही में ‘स्वच्छ शहर, समृद्ध शहर’ अभियान के तहत सिटीजन कनेक्ट प्रोग्राम के द्वितीय चरण का शुभारंभ किया गया है। बढ़ती जनसंख्या, शहरीकरण और नागरिकों की बदलती आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सरकार समावेशी एवं टिकाऊ शहरी विकास की नई दिशा तय कर रही है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने छोटे दुकानदारों के हित में लिए गए एक महत्वपूर्ण निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि जिन दुकानदारों पर एक लाख रुपये तक का ऋण बकाया है और जिन्हें बैंकों द्वारा गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (NPA) घोषित किया गया है, उन्हें एक लाख रुपये तक की एकमुश्त भुगतान सहायता प्रदान की जाएगी। इसी प्रकार जिन दुकानदारों पर एक से दो लाख रुपये तक का बकाया ऋण है, उन्हें भी एक लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि नागरिक सेवा मंच के माध्यम से शहरी जन सेवाओं को और अधिक सरल बनाया गया है। पहले चरण में नौ ऑनलाइन सेवाएं शुरू की गईं, जिनमें अब तक 2.5 लाख से अधिक नागरिकों ने पंजीकरण कराया है। दूसरे चरण में भी नौ नई सेवाएं जोड़ी गई हैं, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और सरकार व जनता के बीच की दूरी कम होगी।
मुख्यमंत्री ने डिजिटल डोर प्लेट योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से प्रत्येक शहरी घर को एक विशिष्ट डिजिटल पहचान दी जा रही है, जो शहरी शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही का एक नया अध्याय साबित होगी।
