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सोलन, 10 जनवरी। हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) की इलेक्ट्रिक बस का हैदराबाद से हिमाचल पहुंचने के बाद पहले दिन सोलन डिपो में सफल ट्रायल किया गया। इस ट्रायल की निगरानी HRTC मुख्य कार्यालय द्वारा गठित विशेष इंस्पेक्शन कमेटी ने की।
जानकारी के अनुसार प्रदेश सरकार द्वारा कुल 297 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद प्रस्तावित है। इसी क्रम में राज्य के सोलन जिले में इलेक्ट्रिक बस का पहला ट्रायल किया गया। बस को सोलन से अर्की मार्ग पर चलाकर परखा गया, जहां इसका प्रदर्शन संतोषजनक रहा और ट्रायल पूरी तरह सफल बताया गया।
डेड वेट डालकर किया गया ट्रायल
अधिकारियों ने बताया कि ट्रायल के दौरान बस में यात्रियों को नहीं बिठाया जाता, क्योंकि यह कानूनन प्रतिबंधित है। इसके स्थान पर बस की भार वहन क्षमता के अनुसार डेड वेट डाला जाता है, जिसमें रेत और बजरी शामिल होती है। इससे वास्तविक परिस्थितियों में बस की कार्यक्षमता, संतुलन और ब्रेकिंग सिस्टम की जांच की जाती है।
ब्रेक को लेकर फैली अफवाहों पर स्पष्टीकरण
इलेक्ट्रिक बसों को लेकर कुछ लोगों द्वारा यह आशंका जताई जा रही थी कि बैटरी खत्म होने पर बस के ब्रेक काम नहीं करते। इस पर अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बस के ब्रेक का बैटरी से कोई सीधा संबंध नहीं होता। बैटरी समाप्त होने की स्थिति में बस रुक सकती है, लेकिन यह कहना गलत है कि बैटरी खत्म होते ही ब्रेक फेल हो जाते हैं।
सभी डिविजनों में होगा ट्रायल
अधिकारियों के अनुसार इस इलेक्ट्रिक बस का ट्रायल HRTC के सभी डिविजनों में किया जाएगा। इसके बाद ट्रायल से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट प्रदेश सरकार को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर इलेक्ट्रिक बसों की खरीद और संचालन को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। प्रदेश में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि ईंधन खर्च में भी कमी आएगी।
