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शिमला, 14 जनवरी। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के हालिया बयान को लेकर प्रदेश सरकार के भीतर मतभेद सामने आए हैं।
राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने विक्रमादित्य सिंह के आरोपों से असहमति जताते हुए उन्हें “स्वीपिंग स्टेटमेंट” करार दिया है। नेगी ने कहा कि इस तरह के सामान्य और व्यापक आरोप न केवल प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हैं, बल्कि ईमानदारी से काम कर रहे अधिकारियों का मनोबल भी गिराते हैं।
जगत सिंह नेगी ने स्पष्ट कहा कि यदि किसी अधिकारी के खिलाफ ठोस आरोप हैं तो उनका नाम सार्वजनिक किया जाना चाहिए, ताकि तथ्यों के आधार पर कार्रवाई संभव हो सके। बिना नाम लिए पूरे तंत्र पर सवाल उठाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन दोनों का उद्देश्य जनता को बेहतर सेवाएं देना है, ऐसे में संतुलित और जिम्मेदार बयान जरूरी हैं।
नेगी ने यह भी कहा कि प्रशासन और राजनीति—दोनों में ही गुण और दोष होते हैं। ऐसे में आपसी सहयोग और समझ के साथ आगे बढ़ना ही बेहतर शासन की दिशा में कारगर कदम हो सकता है। उन्होंने नसीहत दी कि सार्वजनिक मंचों पर बयान देते समय शब्दों के चयन में सावधानी बरतनी चाहिए, ताकि अनावश्यक विवाद से बचा जा सके और शासन व्यवस्था सुचारू बनी रहे।
