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हमीरपुर, 19 जनवरी। हिमाचल प्रदेश में कीरतपुर से नेरचौक तक बने नए फोरलेन ने जहां मनाली सहित अन्य पर्यटन स्थलों तक पहुंच को सुगम बनाया है, वहीं हमीरपुर जिला के बड़सर क्षेत्र के लिए यह विकास परेशानी का कारण बनता जा रहा है। कभी ऊना–मंडी राष्ट्रीय मार्ग पर यात्रियों की चहल-पहल से गुलजार रहने वाला बड़सर अब लगभग वीरान होता जा रहा है।
फोरलेन के शुरू होने के बाद अधिकांश ट्रैफिक नए मार्ग की ओर डायवर्ट हो गया है। इसका सीधा असर बड़सर क्षेत्र में स्थित ढाबों, होटलों और छोटी दुकानों पर पड़ा है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि पहले जहां दिनभर यात्रियों की आवाजाही बनी रहती थी, वहीं अब कई-कई घंटे तक कोई वाहन नहीं रुकता।
बड़सर क्षेत्र में करीब 60 ढाबा संचालक ऐसे हैं, जिनका रोजगार पूरी तरह से सड़क यातायात पर निर्भर था। फोरलेन बनने के बाद उनका कारोबार लगभग 60 से 70 प्रतिशत तक घट गया है। कई ढाबा संचालकों के सामने कर्मचारियों को हटाने और खर्च कम करने की मजबूरी खड़ी हो गई है।
ढाबा संचालकों का कहना है कि वर्षों से उन्होंने इसी मार्ग पर मेहनत कर अपने परिवारों का पालन-पोषण किया है, लेकिन अब हालात ऐसे बन गए हैं कि रोजमर्रा का खर्च निकालना भी मुश्किल हो रहा है। कुछ कारोबारियों ने ढाबे बंद करने या वैकल्पिक रोजगार तलाशने की बात भी कही है।
