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शिमला, 05 जनवरी। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। मायके से लौटती एक महिला ने शायद कभी सोचा भी नहीं था कि पति से मिलने की खुशी मातम में बदल जाएगी। गोद में मासूम बेटे को लिए जैसे ही वह घर पहुंची सामने खुशियों का नहीं बल्कि तबाही का मंजर था। सिलेंडर ब्लास्ट से घर पूरी तरह बिखरा पड़ा था और उसी मलबे के बीच उसके जीवनसाथी की लाश पड़ी थी। इस घटना ने महिला का जीवन ही उजाड़ दिया।
मिली जानकारी के अनुसार शिमला के चौपाल में एक घर में अचानक सिलेंडर फट गया। इस धमाके ने जहां पूरे घर को तबाह कर दिया। वहीं अंदर मौजूद एक व्यक्ति इस हादसे में बुरी तरह से झुलस गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के समय व्यक्ति की पत्नी बच्चे को साथ लेकर मायके गई थी। यह हादसा शिमला के चौपाल उपमंडल में रविवार को हुआ।
बताया जा रहा है कि घटना चौपाल थाना क्षेत्र के अंतर्गत देवत बाजार के समीप की है। यहां सरकारी स्कूल के पास बने एक अस्थायी शैड में अचानक जोरदार धमाका हुआ। धमाके की आवाज से पूरा इलाका दहल उठा। जब तक लोग कुछ समझ पाते, शैड आग की लपटों में घिर चुका था और कुछ ही देर में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
बताया जा रहा है कि यह शैड मेघ राम पुत्र मेहर सिंह द्वारा बनाया गया था, जिसमें नेपाली मूल का मजदूर हरी बहादुर (39) पुत्र मन बहादुर अपने परिवार के साथ रह रहा था। रविवार सुबह अचानक गैस सिलेंडर फट गया। तेज धमाके और आग की चपेट में आने से हरी बहादुर की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। उसका शरीर बुरी तरह झुलस गया था।
हादसे की सबसे मार्मिक तस्वीर तब सामने आई, जब हरी बहादुर की पत्नी और बच्चे मायके से वापस लौटे। जिस शैड को वे अपना घर समझते थे, वह मलबे में तब्दील हो चुका था। पति की तलाश में इधर-उधर भटकती पत्नी को जब सच्चाई का पता चला, तो वह बदहवास हो गई। कुछ ही पलों में उसका संसार उजड़ चुका था।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस थाना चौपाल की टीम मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्र किए, ताकि धमाके के सही कारणों का पता लगाया जा सके। प्रशासन की ओर से उपमंडल दंडाधिकारी (एसडीएम) चौपाल हेमचंद वर्मा भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि मामले की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है। साथ ही प्रभावित परिवार को तत्काल राहत के तौर पर 20 हजार रुपये की फौरी सहायता प्रदान की गई है।
