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हिसार, 05 जनवरी। हिसार डिपो महाप्रबंधक ने रोडवेज कर्मियों को रात्रि सेवा की बसों में सोने के आदेश दिए हैं, लेकिन इस पर रोडवेज कर्मियों ने विरोध जताया है। रोडवेज कर्मचारियों ने इस समस्या सहित अन्य मुद्दों को लेकर शनिवार को बैठक की। बैठक की अध्यक्षता सभी यूनियन के प्रधान ने की। संचालन संदीप जैनावास ने किया।
हरियाणा रोडवेज सांझा संघर्ष समिति हिसार डिपो ने निर्णय लिया है कि बीते कई वर्षों से जो कर्मचारी रात की शिफ्ट में बसें चला रहे हैं। उनके किए गए कार्य की राशि उनके खातों में जारी नहीं की गई। राजकुमार चौहान ने कहा जल्द से जल्द कर्मचारियों के खातों में यह राशि जारी की जानी चाहिए। वहीं रोडवेज महाप्रबंधक की ओर से हाल ही में रात्रि सेवा की बसों में ही कर्मचारियों के सोने के आदेशों पर विरोध जताया है।
महाप्रबंधक ने पत्र जारी कर कर्मियों को आदेश दिए है कि रात्रि सेवा की जो बसें किसी गांव या अन्य जगह खड़ी की जाती है। उन बसों में रात के समय कर्मचारी उन बसों में ही रहने चाहिए। क्योंकि कर्मचारियों के बसों में न रहने से बसों में नुकसान होने की संभावना बनी रहती है। वहीं कर्मियों का कहना है कि हरियाणा के अन्य जिलों में कहीं भी ऐसे आदेश नहीं है कि कर्मचारियों को बसों में ही सोने के लिए कहा जाए। लेकिन हिसार रोडवेज महाप्रबंधक ने बसों में कर्मचारियों को सोने के आदेश दिए हैं जो सरासर गलत है। सर्दी व धुंध के मौसम में बसों में सोना कर्मियों का शोषण और उनकी जान से खिलवाड़ है। इतनी सर्दी में बस के अंदर कर्मचारी कैसे सी पाएंगे। कर्मचारियों ने कहा कि वे इन आदेशों को किसी भी सूरत में सहन नहीं करेंगे।
साझा संघर्ष समिति ने फैसला लिया है छह जनवरी से रात्रि सेवा की बसे लेकर नहीं जाएंगे। महाप्रबंधक ने आदेश वापस नहीं लिए तो दोचारा बैठक करके बढ़े आंदोलन का फैसला लेंगे। बैठक में मुख्य रूप से राजकुमार चौहान, अरूण शमां, जितेंद्र शर्मा, नरेंद्र खरड़, जोगिंदर पंघाल, कर्मबीर, नरेश सैलवाल और सत्यवान कर्मचारी मौजूद रहे।
