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शिमला, 04 जनवरी। प्रदेश में स्थापित उद्योगों को सशक्त बनाने के लिए राज्य सरकार ठोस कदम उठा रही है। उद्योगों को निर्बाध एवं सस्ती विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी तथा शीघ्र ही नई उद्योग नीति लाई जाएगी। यह बात मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने उद्योग विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय हिम एमएसएमई फेस्ट–2026 के दौरान पीटरहॉफ, शिमला में कही।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर देश–विदेश से आए प्रमुख उद्योगों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और उद्यमियों से संवाद किया। सम्मेलन के दौरान प्रदेश में उद्योगों के विस्तार और निवेश की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान प्रदेश सरकार और उद्यमियों के बीच करीब 10 हजार करोड़ रुपये की लागत से उद्योग स्थापित करने के लिए 37 प्रतिबद्धता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार निवेश-अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए निरंतर नई पहल कर रही है, ताकि हिमाचल प्रदेश एक भरोसेमंद और आकर्षक निवेश गंतव्य बन सके। उन्होंने कहा कि सरकार की परिकल्पना हरित औद्योगिकीकरण, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ-साथ ग्रामीण औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देने की है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में पेट्रो ईंधन से चलने वाली लगभग 22 हजार टैक्सियों को चरणबद्ध तरीके से ई-वाहनों में बदला जाएगा, जिसके लिए 40 प्रतिशत सब्सिडी देने की योजना लाई जा रही है। इसके अलावा ग्रीन हाइड्रोजन ईंधन से बसों के संचालन के लिए शीघ्र टेंडर जारी किए जाएंगे। उद्यमियों की धारा 118 से जुड़ी समस्याओं का समाधान भी किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में टेक्सटाइल उद्योग को बढ़ावा दिया जाएगा, औद्योगिक क्षेत्रों में लॉजिस्टिक लागत कम की जाएगी और आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ किया जाएगा। बद्दी–चंडीगढ़ रेलवे लाइन के लिए केंद्र सरकार को राज्य का हिस्सा अग्रिम रूप से दिया जा चुका है। पर्यटन उद्योग को विशेष प्राथमिकता देते हुए संपर्क सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। 31 मार्च तक कांगड़ा हवाई अड्डे के लिए भूमि अधिग्रहण पूरा कर लिया जाएगा तथा हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को प्रोत्साहित करने के लिए 200 पांच सितारा होटलों की अनुमति दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि चंडीगढ़ के समीप “हिम चंडीगढ़” नाम से एक विश्वस्तरीय शहर विकसित किया जाएगा। उद्योगों को 24 घंटे निर्बाध और न्यूनतम दरों पर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने उद्यमियों से शीघ्र इम्प्लीमेंटेशन एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक अवसंरचना को लगातार मजबूत किया जा रहा है। इसके तहत एमएसई फार्मा लैब, एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर, औद्योगिक क्षेत्रों में गैस कनेक्टिविटी, बद्दी और ऊना में कौशल विकास केंद्र तथा सीआईपीईटी जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने ऊना में स्थापित बल्क ड्रग पार्क को राज्य की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि 568.75 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित इस पार्क को अंतिम पर्यावरणीय स्वीकृति मिल चुकी है। लगभग 2071 करोड़ रुपये की लागत वाला यह पार्क 8 से 10 हजार करोड़ रुपये के निवेश और 15 से 20 हजार रोजगार सृजित करने की क्षमता रखता है।
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि राज्य में उद्योगों के विकास के लिए उदार नीतियां तैयार की जा रही हैं, जिससे औद्योगिक विकास के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ें। अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग आर.डी. नजीम ने प्रदेश में उद्योगों के विकास और सरकार की नवाचार पहलों की जानकारी दी।
आयुक्त उद्योग डॉ. यूनुस ने मुख्यमंत्री और सभी अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर महापौर सुरेन्द्र चौहान, नीति आयोग के उप-सचिव अरविंद कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
