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शिमला, 05 जनवरी। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि प्रदेश सरकार ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए विभिन्न विभागों में रिकॉर्ड 980 करूणामूलक नियुक्तियां प्रदान की हैं। इससे लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे पात्र प्रार्थियों को सम्मानजनक जीवनयापन का अधिकार मिला है और दिवंगत सरकारी कर्मचारियों के परिवारों को समय पर सामाजिक व आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित हुई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ये नियुक्तियां 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2025 तक दी गई विशेष छूट अवधि के दौरान प्रदान की गईं। इनमें 366 तृतीय श्रेणी और 614 चतुर्थ श्रेणी (मल्टी टास्क वर्कर) के पद शामिल हैं। उन्होंने कहा कि वर्षों से प्रक्रियागत देरी के कारण न्याय की प्रतीक्षा कर रहे परिवारों को तुरंत राहत देने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है, ताकि उनका आत्मसम्मान बहाल हो सके।
आंकड़ों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि जल शक्ति विभाग में सबसे अधिक 419 नियुक्तियां की गईं, जिनमें 100 तृतीय श्रेणी और 319 चतुर्थ श्रेणी के पद शामिल हैं। लोक निर्माण विभाग में 175 नियुक्तियां दी गईं, जिनमें 15 जेओए (आईटी) और 160 मल्टी टास्क वर्कर शामिल हैं। वहीं शिक्षा विभाग में 128 नियुक्तियां हुईं, जिनमें 108 तृतीय श्रेणी और 20 चतुर्थ श्रेणी के पद हैं।
इसके अतिरिक्त गृह विभाग में 75 नियुक्तियां की गईं, जिनमें पुलिस विभाग में 52 और गृह रक्षा विभाग में 23 पद शामिल हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में 34 तथा पशुपालन विभाग में 56 नियुक्तियां प्रदान की गईं। मुख्यमंत्री ने बताया कि आयुष, कृषि, अग्निशमन सेवाएं, ग्रामीण विकास, राजस्व, शहरी विकास, एचपीटीडीसी, एचआरटीसी सहित कुल 19 विभागों में करूणामूलक आधार पर नियुक्तियां दी गई हैं।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने पूर्व भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पात्र परिवारों को वर्षों तक बिना कारण न्याय और सामाजिक सुरक्षा से वंचित रखा गया, जो गंभीर विफलता थी। वर्तमान प्रदेश सरकार ने उन गलतियों को सुधारते हुए प्राथमिकता के आधार पर नियुक्तियां प्रदान की हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों के कल्याण और उनके परिवारों के आत्मसम्मान की रक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार के सभी निर्णय जनकल्याण को केंद्र में रखकर लिए जा रहे हैं और यह उपलब्धि केवल प्रशासनिक दक्षता नहीं, बल्कि हर पात्र परिवार को सम्मान, संवेदनशीलता और न्याय देने के सरकार के दृढ़ संकल्प का प्रमाण है।
