न्यूज अपडेट्स
सोलन, 13 जनवरी। हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के अर्की में हुए भीषण अग्निकांड का मंजर बेहद भयावह और दर्दनाक हो गया है। मलबे में दफन हुई 9 जिंदगियों की तलाश में जुटे बचाव दल के हाथ अब शव नहीं, बल्कि केवल अवशेष लग रहे हैं। हालात यह हैं कि इन अवशेषों की विजुअल पहचान करना नामुमकिन है, अब इनकी शिनाख्त एफएसएल लैब में डीएनए टैस्ट के जरिए ही हो पाएगी।
स्निफर डॉग्स ने तलाशे सुराग, दिनभर चला सर्च ऑप्रेशन
अर्की अग्निकांड के दूसरे दिन, मंगलवार सुबह ही राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया। एनडीआरएफ की टीम ने विशेष रूप से स्निफर डॉग्स के साथ मौके पर मोर्चा संभाला। सबसे पहले डॉग्स ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मलबे में दबे इंसानों की गंध को पहचाना, जिसके बाद एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस बल और दमकल विभाग की संयुक्त टीमों ने मलबा हटाने का काम शुरू किया।
रैस्क्यू ऑप्रेशन के दौरान दिन भर रुक-रुक कर मलबे से अवशेष मिलते रहे। सुबह 11:00 बजे एनडीआरएफ को मलबे के ढेर में पहली बार कुछ अवशेष मिले, जिन्हें मिट्टी के साथ कंबल में एकत्रित कर जांच के लिए भेजा गया। दोपहर 12:25 बजे बचाव कार्य के दौरान एक अन्य स्थान पर कुछ और अवशेष बरामद हुए। दोपहर 12:50 बजे स्निफर डॉग द्वारा दिए गए क्लू के आधार पर मलबा हटाने पर टीम को फिर कुछ अवशेष मिले। दोपहर 1 बजकर 36 मिनट पर एक और स्थान पर शरीर के कुछ हिस्से बरामद किए गए।
इस त्रासदी से निपटने और अपनों की तलाश के लिए प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है। बचाव कार्य में एनडीआरएफ के 33 कर्मी, एसडीआरएफ के 10, होमगार्ड के 34 तथा पुलिस के 35 कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
एसपी सोलन गौरव सिंह ने बताया कि मंगलवार सुबह से ही रैस्क्यू ऑप्रेशन जारी है। घटनास्थल से शरीर के जो भी अवशेष मिल रहे हैं, उन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए एफएसएल लैब जुन्गा भेजा जा रहा है, ताकि वैज्ञानिक तरीके से उनकी पहचान की जा सके।
