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कांगड़ा, 11 जनवरी। अंतरराष्ट्रीय विवाद के बीच हिमाचल प्रदेश के एक युवक को अमेरिकी सेना ने बंदी बना लिया है। कांगड़ा जिला के पालमपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत सिद्धपुर गांव निवासी 23 वर्षीय रक्षित चौहान रूस के एक ऑयल टैंकर जहाज पर बतौर क्रू मैंबर तैनात था। जिसे हाल ही में अमेरिका ने जब्त कर लिया। इसी कार्रवाई के दौरान रक्षित सहित तीन भारतीयों समेत 28 नागरिकों को बंधक बनाए जाने की बात सामने आई है।
अमेरिका द्वारा रूस के जहाज को जब्त करने की सूचना जैसे ही रक्षित के परिवार को मिली, तो घर में कोहराम मच गया। जिस घर में शादी की तैयारियां चल रही थी, उस घर में एक झटके में ही मातम पसर गया। रक्षित के पिता के अनुसार उनके दो बेटे हैं। जिसमें रक्षित छोटा बेटा है और फरवरी में उनके बड़े बेटे की शादी है। जिसकी तैयारियों में परिवार जुटा हुआ था। इसी बीच रक्षित के हिरासत में लेने की खबर ने परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
रक्षित के पिता ने कहा किए रक्षित बीते साल अप्रैल 2025 से रूस में मर्चेंट नेवी के रूप में भर्ती होकर अपनी सेवाएं दे रहा था। वह एक रूसी टैंकर जहाज में क्रू मेंबर के तौर पर कार्यरत था। परिवार इन दिनों खुशी के माहौल में थाए क्योंकि रक्षित के बड़े भाई की शादी अगले महीने 15 फरवरी 2026 में तय है और रक्षित अगले महीने छुट्टी लेकर घर आने वाला था।
रक्षित के पिता ने बताया कि 7 जनवरी को बेटे का फोन आया था। उस दौरान रक्षित ने उन्हें भरोसा दिलाया कि अगले एक महीने तक उसकी चिंता न करें, क्योंकि उसका फोन बंद रहने वाला है। पिता का कहना है कि उस समय रक्षित को इस बात का आभास हो चुका था कि जहाज को रोके जाने के बाद उसे अन्य क्रू मेंबरों के साथ हिरासत में ले लिया गया है। इसी कारण उसने पहले ही परिवार को फोन बंद रहने की बात कह दी थी।
परिवार को बाद में जानकारी मिली कि अमेरिका द्वारा बंधक बनाए गए तीन भारतीय नागरिकों में एक युवक केरल से, एक गोवा से और तीसरा हिमाचल प्रदेश से उनका बेटा रक्षित है। इस खबर के सामने आने के बाद से परिवार गहरे तनाव में है। गांव और आसपास के इलाके में भी लोग रक्षित की सुरक्षित वापसी के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।
रक्षित के पिता ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू सहित राज्य और केंद्र स्तर के बड़े नेताओं से भावुक अपील की है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें और उनके बेटे की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित कराएं। उनका कहना है कि रक्षित एक साधारण परिवार से है और केवल रोजगार के लिए विदेश गया था। परिवार को उम्मीद है कि सरकार कूटनीतिक स्तर पर प्रयास कर जल्द से जल्द आशीष और अन्य भारतीयों को सुरक्षित स्वदेश वापस लाएगी।
अमेरिका ने उत्तरी अटलांटिक महासागर में रूसी झंडे वाले ऑयल टैंकर जहाज ‘मैरिनेरा’ को जब्त कर लिया है। इस जहाज पर सवार कुल 28 क्रू मेंबर्स को हिरासत में लिया गया, जिनमें हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले का एक युवक भी शामिल है।
रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा के अनुसार, रूस के अनुरोध पर अमेरिका ने जहाज पर मौजूद दो रूसी नागरिकों को रिहा कर दिया है। हालांकि, तीन भारतीय नागरिक अब भी अमेरिकी हिरासत में हैं। टैंकर पर 17 यूक्रेनी, 6 जॉर्जियाई, 3 भारतीय और 2 रूसी नागरिक सवार थे।
अमेरिका का दावा है कि यह जहाज रूस की तथाकथित ‘शैडो फ्लीट’ का हिस्सा था और वेनेजुएला से तेल ले जाकर अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहा था। रूस ने इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून का उल्लंघन बताया है और कहा है कि खुले समुद्र में किसी देश का अधिकार क्षेत्र नहीं होता।
दूसरी ओर अमेरिका का कहना है कि प्रतिबंधों को लागू करने के लिए यह कदम जरूरी था। फिलहाल भारतीय क्रू मेंबर्स की रिहाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है और हिमाचल के युवक के परिजन सरकार से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।
