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सुंदरनगर, 31 दिसंबर। उपमंडल सुंदरनगर के निवासी टैक्सी ऑपरेटर जितेंद्र कुमार ने श्रीराम जनरल इंश्योरेंस कंपनी पर बीमा क्लेम में धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगाए हैं। जितेंद्र कुमार का कहना है कि उन्होंने समय पर प्रीमियम राशि जमा की थी और बीमा से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेज पूरे थे, इसके बावजूद सड़क दुर्घटना के बाद कंपनी ने उनका इंश्योरेंस क्लेम अस्वीकार कर दिया। मामले से आहत टैक्सी ऑपरेटर ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है और सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
जितेंद्र कुमार के अनुसार उन्होंने अपनी बलेनो कार नेक्सा मारुति सुजुकी शोरूम से खरीदी थी, जहां से ही श्रीराम जनरल इंश्योरेंस कंपनी के माध्यम से वाहन का बीमा करवाया गया। यह वाहन टैक्सी परमिट पर पंजीकृत है। उन्होंने बताया कि वाहन को 28 नवंबर 2025 को मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर (एमवीआई) से पास करवाया गया था, जबकि 5 दिसंबर 2025 को आरटीओ द्वारा वाहन संख्या एचपी-01 एम-6247 जारी की गई। इसी दिन हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) के लिए भी आवेदन किया गया था।
पीड़ित टैक्सी ऑपरेटर के मुताबिक 8 दिसंबर 2025 को वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिससे कार को लगभग ढाई लाख रुपये का नुकसान हुआ। कंपनी की ओर से नियुक्त सर्वेयर मुकुल चौहान ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन भी किया, लेकिन इसके बावजूद बीमा कंपनी ने क्लेम मंजूर करने से इनकार कर दिया।
इस पर जितेंद्र कुमार ने न्यायालय में मुआवजे की अपील दायर की है और सरकार से बीमा कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि नियमों का पालन करने के बावजूद उन्हें न्याय से वंचित किया जा रहा है।
वहीं, श्रीराम जनरल इंश्योरेंस कंपनी की गुटकर शाखा के सर्वेयर मुकुल चौहान ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि दुर्घटना के दिन संबंधित वाहन के पास वैध टैक्सी परमिट नहीं था। उनके अनुसार टैक्सी मालिक वाहन का वाणिज्यिक उपयोग बिना परमिट के कर रहे थे। वर्कशॉप में दस्तावेज मांगे जाने पर भी वाहन मालिक वैध परमिट प्रस्तुत नहीं कर पाए, जिसके चलते नियमों के अनुसार बीमा क्लेम रद्द किया गया।
अब यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कानूनी प्रक्रिया के बाद अंतिम फैसला किस पक्ष के हक में आता है।
