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शिमला, 13 दिसंबर। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट (एपीएआर) सॉफ्टवेयर के विकास कार्य की प्रगति की समीक्षा की। यह सॉफ्टवेयर डिजिटल टेक्नोलॉजीज एवं गवर्नेंस विभाग द्वारा विकसित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों के लिए पारदर्शी, प्रभावी और पूर्णतः डिजिटल प्रदर्शन मूल्यांकन प्रणाली स्थापित करना है।
बैठक में मुख्यमंत्री को बताया गया कि एपीएआर पोर्टल के माध्यम से एपीएआर और वार्षिक कार्य योजनाओं की एंड-टू-एंड ऑनलाइन प्रोसेसिंग सुव्यवस्थित डिजिटल वर्कफ्लो के तहत की जाएगी। इससे प्रदर्शन मूल्यांकन प्रक्रिया में निष्पक्षता, जवाबदेही और निगरानी में सुगमता सुनिश्चित होगी।
मुख्यमंत्री को अवगत करवाया गया कि एपीएआर की शुरुआत रिपोर्टिंग अथॉरिटी द्वारा तैयार वार्षिक कार्य योजना तथा स्पष्ट रूप से निर्धारित गुणात्मक और मात्रात्मक लक्ष्यों के आधार पर होगी। प्रशासनिक आवश्यकताओं और बदलती प्राथमिकताओं के अनुसार व्यक्तिगत अधिकारियों या पूरे कैडर के लक्ष्यों में वार्षिक संशोधन का प्रावधान भी सॉफ्टवेयर में रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समूह ‘ए’, ‘बी’, ‘सी’ और ‘डी’ के सभी कर्मचारियों के लिए एक समान एवं मानकीकृत एपीएआर प्रारूप लागू किया जाएगा, जिससे मूल्यांकन में एकरूपता और निष्पक्षता सुनिश्चित होगी। पोर्टल के माध्यम से रिपोर्टिंग, रिव्यूइंग और एक्सेप्टिंग अधिकारियों की ऑनलाइन पहचान और अनुमोदन की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
बैठक में यह भी बताया गया कि प्रणाली एक ही वित्तीय वर्ष में एक से अधिक एपीएआर शुरू करने की सुविधा देगी, बशर्ते प्रत्येक एपीएआर की न्यूनतम अवधि तीन माह हो। इससे स्थानांतरण या दायित्व परिवर्तन की स्थिति में अधिक सटीक मूल्यांकन संभव होगा।
मुख्यमंत्री ने सॉफ्टवेयर को समयबद्ध रूप से पूरा करने और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने पर जोर देते हुए कहा कि एपीएआर पोर्टल प्रदर्शन-आधारित शासन को मजबूत करने, पारदर्शिता बढ़ाने और सरकारी तंत्र में जवाबदेही की संस्कृति को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (नवाचार, डिजिटल टेक्नोलॉजीज एवं गवर्नेंस) गोकुल बुटेल, विधायक सुरेश कुमार, डिजिटल टेक्नोलॉजीज एवं गवर्नेंस विभाग के निदेशक डॉ. निपुण जिंदल, संयुक्त निदेशक अनिल सेमवाल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
