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कर्नाटक, 01 अगस्त। कर्नाटक की विशेष अदालत ने प्रज्वल रेवन्ना केस में पूर्व जेडीएस सांसद को दोषी ठहराया। हासन के होलेनरसीपुरा में एक फार्महाउस में 48 वर्षीय नौकरानी से बलात्कार का आरोप था। मामले में 26 गवाहों की गवाही हुई। सीआईडी ने जांच पूरी की और 2000 पेज की चार्जशीट दाखिल की। रेवन्ना पिछले 14 महीनों से जेल में हैं। दोषी करार दिए जाने के बाद वे कोर्ट में भावुक हो गए।
मामले का विवरण
हासन जिले में अप्रैल 2024 में प्रज्वल रेवन्ना केस सामने आया, जब अश्लील वीडियो वाली पेन ड्राइव वायरल हुई। एक नौकरानी ने होलेनरसीपुरा पुलिस में शिकायत दर्ज की। रेवन्ना पर दो बार बलात्कार और वीडियो रिकॉर्डिंग का आरोप लगा। जांच के लिए एसआईटी गठित की गई। रेवन्ना जर्मनी भाग गए थे, लेकिन 31 मई 2024 को बेंगलुरु एयरपोर्ट पर गिरफ्तार हुए। कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी।
कोर्ट की कार्यवाही
विशेष अदालत ने प्रज्वल रेवन्ना केस में त्वरित सुनवाई की। जुलाई 2025 में ट्रायल पूरा हुआ। अभियोजन पक्ष ने सबूतों के आधार पर रेवन्ना को दोषी साबित किया। फोरेंसिक विश्लेषण में पीड़िता की साड़ी पर रेवन्ना का डीएनए मिला। बचाव पक्ष ने जमानत की मांग की, लेकिन स्थानीय अदालत, कर्नाटक हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने इसे खारिज किया। सजा का ऐलान 2 अगस्त को होगा।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
प्रज्वल रेवन्ना केस ने कर्नाटक की राजनीति में हलचल मचाई। रेवन्ना पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवगौड़ा के पोते हैं। 2019 से 2024 तक हासन से सांसद रहे। जेडीएस ने उन्हें निष्कासित कर दिया। मामले में उनके माता-पिता पर भी पीड़िता को अगवा करने का आरोप लगा। यह फैसला कानून की जीत माना जा रहा है। रेवन्ना का राजनीतिक करियर संकट में है।