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मंडी, 01 अगस्त। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में मानसून की मार लगातार जारी है। आज सुबह चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे फोरलेन पर पंडोह के कैंची मोड़ के पास एक बार फिर भारी भूस्खलन हुआ, जिसमें पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गिरा।
एक बार फिर हुआ भूस्खलन
इसी दौरान मनाली की ओर जा रही एक कार मलबे की चपेट में आ गई। हादसे में कार चालक घायल हो गया और वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। यह गनीमत रही कि वाहन में अन्य कोई सवार नहीं था, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई।
भूस्खलन के कारण हाईवे पर लगा जाम
भूस्खलन के कारण चंडीगढ़-मनाली फोरलेन पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई है। हाईवे के दोनों ओर सैकड़ों वाहन फंसे हुए हैं। मंडी पुलिस और NHAI की टीम मौके पर मौजूद है, लेकिन लगातार हो रही बारिश के चलते राहत कार्यों में बाधा आ रही है। सड़क को बहाल करने का काम शुरू नहीं हो सका है, क्योंकि पहाड़ी से अब भी मलबा गिरने का खतरा बना हुआ है।
लगातार हो रही बारिश बनी मुसीबत
मंडी जिले में पिछले पांच दिनों से लगातार मूसलधार बारिश हो रही है। इससे ना केवल पहाड़ों की स्थिरता प्रभावित हुई है, बल्कि जगह-जगह भूस्खलन और सड़क धंसाव के मामले सामने आ रहे हैं। इस समय जिले की 171 सड़कें पूरी तरह से बाधित हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क भी टूट गया है।
बिजली-पानी की आपूर्ति भी बाधित
प्राकृतिक आपदाओं की मार से मंडी में 80 से अधिक विद्युत ट्रांसफॉर्मर बंद पड़े हैं, जिससे कई क्षेत्रों में अंधेरा पसरा है। इसके अलावा 70 पेयजल योजनाएं भी ठप हैं। मंडी शहर में बीते दो दिनों से पेयजल आपूर्ति पूरी तरह बाधित है, जिससे जल संकट गहरा गया है। नगर परिषद और जल शक्ति विभाग की ओर से लोगों को वैकल्पिक इंतजामों से पानी मुहैया करवाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन बारिश ने इन प्रयासों को भी सीमित कर दिया है।
सतर्कता बरतें लोग
मंडी पुलिस ने चंडीगढ़-मनाली की ओर जा रहे यात्रियों से अपील की है कि वे वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और बिना वजह इस मार्ग की ओर ना बढ़ें। स्थानीय प्रशासन ने बताया है कि जब तक मौसम साफ नहीं होता और मलबा पूरी तरह हटाया नहीं जाता, तब तक इस फोरलेन को बहाल करना संभव नहीं होगा। साथ ही, भूस्खलन संभावित इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।
स्थानीय लोगों की बढ़ी परेशानियां
इस प्राकृतिक आपदा के चलते मंडी शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। एक ओर जहां लोग बिजली और पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बाजारों में भी जरूरी सामान की कमी होने लगी है। सब्जियों और दूध जैसी चीजों की आपूर्ति प्रभावित हो चुकी है। स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में खासी मुश्किलें आ रही हैं।
नजर बनाए हुए है प्रशासन
मंडी जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। सड़क और पेयजल आपूर्ति बहाल करने के लिए विभागीय टीमें युद्धस्तर पर जुटी हैं, लेकिन मौसम की मार उनकी रफ्तार पर भारी पड़ रही है। प्रशासन ने लोगों से संयम बरतने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय अधिकारियों से संपर्क करने की अपील की है।