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शिमला, 31 जुलाई। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से बीते दिन एक खबर सामने आई थी जिसमें एक बुजुर्ग घायल हो गए थे। सोशल मीडिया पर कहा गया था कि जब शिमला पुलिस को सूचना दी गई तो तुरंत कोई मदद नहीं आई। करीब एक घंटे बाद एंबुलेंस मौके पर पहुंची। इसके बाद शिमला पुलिस पर हर जगह सवाल उठने लगे। अब मामले में शिमला पुलिस ने खुद अपना पक्ष सामने रखा है। आइए जानते हैं।
रैना के मुताबिक नहीं मिला रिसपॉन्स
शिमला के अमरजीत रैना की पोस्ट के मुताबिक मॉल रोड पर शेर-ए-पंजाब के पास 94 वर्षीय बुजुर्ग सड़क पर गिर पड़े। बुजुर्ग के नाक और मुंह में चोट लगी थी और काफी खून बह रहा था। ऐसे में आपातकालीन नंबरों पर कॉल करके मदद मांगी गई तो कोई रिसपॉन्स नहीं मिला।
पोस्ट वायरल, शिमला पुलिस का खंडन
पोस्ट वायरल होने के बाद अब जब हर जगह शिमला पुलिस की व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं तो शिमला पुलिस ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से एक पोस्ट जारी करते हुए सभी आरोपों का खंडन किया है। पुलिस के मुताबिक मामले में तुरंत एक्शन लिया गया था।
पुलिस ने तथ्यों के साथ दी जानकारी
शिमला पुलिस का कहना है कि बुजुर्ग के गिरने की घटना पर जो पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हुई है, वो भाम्रक है। SP और पुलिस ने इन भ्रामक सूचनाओं पर कड़ी आपत्ति जताई है और तथ्यों के साथ पूरे मामले की जानकारी जनता के सामने रखी है।
7 मिनट में पहुंची मदद- शिमला पुलिस
शिमला पुलिस के मुताबिक पूरी कार्रवाई सिर्फ 7 मिनट के अंदर पूरी कर ली गई। पुलिस ने ये भी बताया कि इस घटना से पहले इन्हीं बुजुर्ग को दिल का दौरा पड़ा था, तब भी पुलिस ने उनकी मदद की थी।
सूचना को नहीं किया गया नजरअंदाज
पुलिस ने पोस्ट में लिखा कि सूचना मिलते ही तुरंत रिस्पॉन्ड किया गया ना कि नजरअंदाज किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों को 5 मिनट में सूचना मिली और केवल 7 मिनट में एम्बुलेंस और पुलिस दोनों मौके पर पहुंच गए।