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NPCI: अगस्त से बदल जाएंगे UPI के नियम, यहां जानें UPI के नए नियम

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न्यूज अपडेट्स 
नई दिल्ली, 29 जुलाई। आधुनिकता के इस युग में डिजिटल भुगतान का प्रचलन काफी तेजी से आगे बढ़ चुका है. लोग इसके लिए UPI ऐप्लिकेशन GooglePay, PhonePe, PayTm और BHIM का इस्तेमाल करते हैं. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) 1 अगस्त से यूपीआई में कुछ बदलाव करने जा रहा है. ऐसे में डिजिटल भुगतान के लिए UPI का इस्तेमाल करने वालों के लिए इन अपडेट को जानना बेहद जरूरी है।

UPI के जरिए जब हम अपना अकाउंट बैलेंस चेक करते हैं तो सर्वर पर काफी दबाव पड़ता है. यह दबाव उस वक्त और ज्यादा बढ़ जाता है. जब यूजर बायोमैट्रिक ऑथेंटिकेशन जैसे फेस आईडी या फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल करते हैं. इस दबाव को कम करने के लिए NPCI बैलेंस चेक करने की लिमिट तय कर रहा है. अब नए नियमानुसार, यूजर्स एक दिन में 50 बार ही बैलेंस चेक कर पाएंगे।

फेल ट्रांजैक्शन का समाधान

UPI के दौरान फेल ट्रांजैक्शन की गंभीर समस्या रहती है. कई बार पैसे भेजने वाले के अकाउंट से बैलेंस तो कट जाता है लेकिन यह रिसीवर तक नहीं पहुंचता. NPCI ने इसका समाधान निकाला है. यूपीआई ऐप्स अब से कुछ ही सेकंड में वास्तविक पेमेंट स्टेटस शो करेंगे. इससे पहले अब तक ऐप्स में ट्रांजैक्शन स्टेटस प्रोसेसिंग या पेंडिंग शो करता था, लेकिन 1 अगस्त से ऐसा नहीं होगा. यानि यूजर्स को कुछ ही सेकंड में ट्रांजैक्शन स्टेटस मिल जायेगा. इसके साथ ही, अगर कोई पेमेंट अटक जाता है, तो यूजर 3 बार इसका स्टेटस चेक कर पाएंगे. वह भी 90 सेकंड के अंतराल में इसका स्टेटस देख पाएंगे।

UPI ऑटो- पे रिक्वेस्ट

अगर आपने OTT सब्सक्रिप्शन, रेंट या SIP जैसे पेमेंट्स के लिए ऑटो-पे सेट किया है तो अब ये पेमेंट अब सटीक समय पर ही होंगे. 1 अगस्त से ऑटो- पे रिक्वेस्ट सुबह 10 बजे से पहले, दोपहर में 1 से शाम 5 बजे के बीच और रात में साढ़े 9 बजे के बाद होंगे. इसका मकसद पीक समय के दौरान इन रिक्वेस्ट से सर्वर पर पड़ने वाले लोड को कम करना है. यूजर को इसका नोटिफिकेशन भी मिलेगा।

वेरिफिकेशन प्रकिया होगी सख्त

UPI ऐप्स को 1 अगस्त से नया बैंक अकाउंट लिंक करने के लिए पहले से सख्त वेरिफिकेशन प्रोसेस करना होगा. अब इसमें बैंक की ओर से भी कन्फर्मेशन की जरूरत होगी. यह अकाउंट वेरिफिकेशन प्रोसेस में एक और सिक्योरिटी लेयर ऐड करेगा।

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