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शिमला, 29 जुलाई। शिमला में हिमाचल प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज एचआरटीसी और बीएसएमडीए निदेशक मंडल की बैठक की अध्यक्षता करते हुए परिवहन सेवाओं को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में कई अहम निर्णय लिए। इस दौरान उन्होंने एचआरटीसी के संचालन को डिजिटल रूप देने के लिए चार नई आईटी प्रणालियों का शुभारंभ किया और कहा कि राज्य सरकार जनता को बेहतर, सुरक्षित और तकनीक-सक्षम परिवहन सेवाएं देना चाहती है।
उप-मुख्यमंत्री ने बताया कि अब रियायती पास के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा होगी, जिससे विद्यार्थी, सरकारी कर्मचारी और व्यापारी वर्ग ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे और पेमेंट भी डिजिटल रूप से कर पाएंगे। इस प्रणाली के अंतर्गत पेपरलैस आरएफआईडी पास कार्ड जारी होंगे। इसके अलावा डिजिटल निरीक्षण प्रणाली, शिमला की 82 बसों में जीपीएस आधारित बस ट्रैकिंग सिस्टम और ‘हिम एक्सेस’ पोर्टल भी शुरू किया गया है, जिससे एचआरटीसी के 9000 से अधिक कर्मचारी अपनी जानकारी व वेतन विवरण ऑनलाइन देख सकेंगे।
बैठक में ‘हिम बस प्लस’ नामक योजना को मंजूरी दी गई, जो कैशलेस भुगतान और पहचान प्रबंधन प्रणाली से युक्त होगी। इस योजना के तहत सभी एचआरटीसी बसों (वॉल्वो सहित) में यात्रा करने पर यात्रियों को 5 प्रतिशत छूट मिलेगी। साथ ही, हर महीने की यात्रा के आधार पर लॉयल्टी प्रोग्राम के तहत कैशबैक की सुविधा भी दी जाएगी। खास बात यह है कि सुपर लग्जरी बसों के किराए में 15 प्रतिशत की कटौती की गई है और ‘हिम बस प्लस’ कार्ड से यात्रा करने पर यात्रियों को अतिरिक्त 5 प्रतिशत की छूट मिलकर कुल 20 प्रतिशत तक की छूट का लाभ मिलेगा।
पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शिमला के आसपास के धार्मिक और पर्यटन स्थलों के लिए ‘टूरिस्ट-डे सर्किट’ शुरू किया जाएगा। इसके अलावा गैर-परिचालन आय को बढ़ाने के लिए टिकट, वेबसाइट, ऐप्स पर विज्ञापन नीति, एचआरटीसी के पेट्रोल पंपों को रिटेल फ्यूल आउटलेट के रूप में विकसित करने और ढाबों की सूचीबद्धता व आबंटन के लिए नई ढाबा नीति लागू करने की मंजूरी दी गई।
कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए, एचआरटीसी की वर्दी का रंग ग्रे से बदलकर खाकी करने का निर्णय लिया गया है। जब तक टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं होती, कर्मचारियों को वर्दी की जगह नकद राशि दी जाएगी। वर्दी की खरीद प्रक्रिया को एक माह में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में पीपीपी मोड पर ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन स्थापित करने और बस अड्डों की मरम्मत के लिए 7 करोड़ रुपये खर्च करने की घोषणा की गई। इसके साथ ही बस अड्डों पर सीसीटीवी कैमरे, ई-चार्जिंग स्टेशन, और बिलासपुर के मंडी-भराड़ी में आधुनिक बस अड्डा स्थापित करने की योजना को भी मंजूरी दी गई।