हिमाचल: ईडी की कार्यवाही - बिहार में शराब बेच रही थी नालागढ़ की कंपनी, 5.31 करोड़ की संपत्ति जब्त

Anil Kashyap
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न्यूज अपडेट्स 
सोलन, 07 दिसंबर: केंद्रीय प्रर्वतन निदेशालय ने सोलन जिले के नालागढ़ में एक शराब फैक्ट्री को जब्त कर लिया है। कंपनी की नालागढ़ और अरुणाचाल प्रदेश स्थित कुल 9.31 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। इस कंपनी पर आरोप है कि वह यहां बनी शराब को बिहार राज्य में लेजाकर बेचा करती थी। इससे उद्योगपति को करोड़ों रुपयों का धनशोधन किया।

केंद्रीय प्रवर्तन निदेशालय ने अपने सोशल मीडिया साइट एक्स (पूर्व नाम ट्विटर) पर ट्वीट करके बताया कि नालागढ़ में मेसर्ज कालाअंब डिस्टिलरी एंड ब्रेवरी प्राइवेट लिमिटेड की 5.31 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई है। इसके अलावा चार करोड़ की संपत्ति अरुणाचल प्रदेश के हालोंगी गांव में जब्त की गई है। यह संपत्ति दोर्जी फुट्सो ख्रीमे के नाम पर दर्ज कराई गई थी। दोनों स्थानों पर कंपनी की 22504 वर्ग मीटर भूमि जब्त की गई है।

नालागढ़ में जब्त संपत्ति में फैक्ट्री, भवन व एक भूखंड शामिल है। हालांकि ईडी ने यह जानकारी नहीं दी है कि यह फैक्ट्री नालागढ़ में कहां पर स्थित है। लेकिन हमारे सूत्रों ने खबर दी है कि यह फैक्ट्री नालागढ़ के भांगला गांव में स्थित थी।

ईडी ने जानकारी दी है कि धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 के प्रावधानों के तहत यह कार्रवाई की गई है। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री में बनी शराब बिहार में भेजी जाती थी। जो वहां महंगे दामों पर बेची जाती थी। ईडी ने छानबीन करके बिहार में शराब आपूर्ति करने वाली शराब फैक्ट्री का पता लगाया जो कि नालागढ़ में स्थित कालाअंब डिस्टिलरी एंड ब्रेवरी प्राइवेट लिमिटेड निकली।

इसके बाद ईडी ने फैक्ट्री स्वामी के काली कमाई के इस धंधे की कलाई खोली। उद्योग पर कुल 9करोड़ 31 लाख की काली कमाई करने का आरोप था। हालांकि ईडी के अधिकरी नालागढ कब आए इसकी कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। पुलिस को भी इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।बताया गया है कि बिहार में शराब बंदी के बावजूद कंपनी ने बिहार में शराब की आपूर्ति करके आपराधिक षडयंत्र रख और उससे कमाए धन का अन्यत्र शोधन किया।

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