हालांकि, जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ है. जानकारी के अनुसार, सूबे के मंडी जिले में बुधवार सुबह-सुबह भकूंप आया है. भूकंप की तीव्रता 3.4 रिक्टर स्कैल रही है. छह बजकर 7 मिनट पर यह भकूंप आया है.
हिमाचल प्रदेश में 24 नवंबर को चार बार भूंकप आया था. मंडी और शिमला (Shimla) में यह झटके लगे थे. खास बात है कि शिमला में लगातार तीन बार धरती हिली थी. हालांकि इस दौरान किसी भी तरह के जानमाल की हानि नहीं हुई थी.
अब दिसंबर में दूसरी बार भूकंप महसूस किया गया है. इससे पहले मंडी जिले में 17 दिसंबर की रात को 11 बजकर 9 मिनट पर भूकंप आया था. इस दौरान भूकंप की तीव्रता 2.9 रिक्टर स्कैल मापी गई थी.
भूकंप को लेकर हिमाचल का चंबा, मंडी और शिमला सबसे संवेदनशील माने जाते हैं. ये जोन चार और पांच में शामिल हैं. जबकि चंबा जिले में हिमाचल में सबसे अधिक भूकंप आते हैं. कांगड़ा में 1905 में बड़ा भूकंप आया था. दावा किया जाता है कि 20 हजार लोगों की जान गई थी. वहीं, 1975 में किन्नौर जिले में भी बड़ा भूकंप हुआ था.
