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शिमला, 02 नवंबर। एचआरटीसी पेंशनरों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन का ऐलान फिलहाल टाल दिया है। सोमवार को निगम के नए प्रबंध निदेशक राहुल कुमार के पदभार संभालने के बाद एचआरटीसी पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने उनसे मुलाकात कर पेंशनरों की समस्याओं और लंबित वित्तीय मांगों को प्रमुखता से उठाया। इस दौरान प्रबंध निदेशक ने मांगों पर विचार करने के लिए दो दिन का समय मांगा। उनके आश्वासन के बाद समिति ने 3 नवंबर को परिवार सहित निगम मुख्यालय के अनिश्चितकालीन घेराव के प्रस्तावित आंदोलन को फिलहाल स्थगित कर दिया है।
बैठक के दौरान प्रबंध निदेशक राहुल कुमार ने समिति के पदाधिकारियों को बताया कि उन्होंने सोमवार को ही कार्यभार संभाला है और अभी उन्हें पेंशनरों की मांगों के बारे में पूरी जानकारी नहीं है। ऐसे में उन्होंने पदाधिकारियों से कम से कम दो दिन का समय देने का आग्रह किया, ताकि वह सभी मांगों का अध्ययन कर सकें। उन्होंने बताया कि मंगलवार को पेंशनरों की मांगों को लेकर सचिव परिवहन और सचिव वित्त के साथ बैठक की जाएगी। इसके बाद 4 नवंबर को उपमुख्यमंत्री एवं परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री के साथ भी बैठक होगी। इन बैठकों के बाद ही पेंशनरों की मांगों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति लंबे समय से लंबित वित्तीय लाभ जारी करने, 8 प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) देने, दिसंबर 2025 के बाद से पेंशन नहीं मिलने वाले पेंशनरों की पेंशन शुरू करने और लंबित चिकित्सा बिलों का भुगतान करने की मांग उठा रही है। इन मांगों को लेकर समिति ने 3 नवंबर को परिवार सहित निगम मुख्यालय का अनिश्चितकालीन घेराव करने की चेतावनी दी थी।
समिति के सचिव राजेंद्र ठाकुर ने स्पष्ट किया कि प्रबंधन को 4 नवंबर तक का समय दिया गया है। यदि इस अवधि तक पेंशनरों की मांगों का समाधान नहीं हुआ तो 5 नवंबर से निगम मुख्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी निगम प्रबंधन और प्रदेश सरकार की होगी।
तकनीकी कर्मचारी संगठन ने दिया समर्थन
उधर, हिमाचल परिवहन तकनीकी कर्मचारी संगठन ने भी एचआरटीसी पेंशनरों की मांगों का समर्थन किया है। संगठन के अध्यक्ष पूर्ण शर्मा, प्रधान खेम चंद और महासचिव एचके शर्मा ने प्रदेश सरकार और निगम प्रबंधन से आग्रह किया है कि पेंशनरों की जायज मांगों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि पेंशनरों को उनके लंबित वित्तीय लाभ और अन्य देय सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए शीघ्र सकारात्मक कदम उठाए जाने चाहिए।
