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कांगड़ा, 06 नवंबर। ज्वालामुखी क्षेत्र के भाटी बोहन में पंचायत प्रधान की पत्नी नीतिका देवी (28) की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला अंतिम संस्कार के दौरान भी तनावपूर्ण बना रहा। मायका पक्ष ने ससुराल वालों पर हत्या के आरोप लगाए। अंतिम संस्कार के दौरान दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे और पत्थरबाजी हुई, जिसमें कई लोग चोटिल हो गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली।
जानकारी के अनुसार भाटी बोहन पंचायत के वर्तमान प्रधान कपिल देव की पत्नी नीतिका देवी की 2 दिन पहले तबीयत गंभीर होने पर उन्हें लुधियाना के डीएमसी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतका की उम्र करीब 28 वर्ष बताई जा रही है। उनकी शादी लगभग 3 साल पहले ज्वालामुखी क्षेत्र के भड़ोली के टोरू गांव में हुई थी। वह अपने पीछे 2 मासूम बेटियां छोड़ गई है। महिला की मौत की सूचना मिलते ही मायका पक्ष के सैंकड़ों लोग ससुराल पहुंच गए। वहां उन्होंने जमकर विरोध जताया और ससुराल पक्ष पर बेटी की हत्या करने के गंभीर आरोप लगाए।
मायका पक्ष ने आरोपी पति के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने और उसे पंचायत प्रधान के पद से निलंबित करने की मांग भी उठाई। महिला की मौत के बाद शुरू हुआ विवाद अंतिम संस्कार तक जारी रहा। मायका पक्ष के लोगों ने आरोप लगाया कि बेटी को अंतिम विदाई देने से पहले उन्हें उसका चेहरा तक नहीं दिखाया गया। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि महिला ने एक साल के भीतर 2 बेटियों को जन्म दिया था और करीब 15 दिन पहले उसका गर्भपात करवाया गया था। मायका पक्ष ने इस पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाते हुए मामले की गंभीरता से जांच करवाने की मांग की है। इसके अलावा परिजनों ने शादी के दौरान दिए गए दहेज, गहने और अन्य सामान को भी वापस दिलवाने की मांग उठाई है।
मायका पक्ष ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उनका आरोप है कि पुलिस आरोपी को पकड़ने की बजाय उसका सहयोग कर रही है। परिजनों ने पुलिस पर उनके साथ लाठियां चलाने का आरोप भी लगाया। अंतिम संस्कार के दौरान दोनों पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि देखते ही देखते लाठी-डंडे चलने लगे और एक-दूसरे पर पत्थर बरसाए गए। इस दौरान कई लोगों के चोटिल होने की सूचना है। मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों को भी पत्थरबाजी के बीच इधर-उधर भागना पड़ा। कुछ पुलिस कर्मी अपने सिर को हाथों से ढककर पत्थरों से बचते दिखाई दिए।
अंतिम संस्कार के दौरान माहौल उस समय और तनावपूर्ण हो गया, जब मायका पक्ष के लोगों ने स्थानीय विधायक संजय रतन के खिलाफ भी नारेबाजी शुरू कर दी। लोगों ने विधायक के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। मायका पक्ष ने सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। परिजनों का कहना था कि जानबूझकर ऐसा वीडियो वायरल किया गया, जिसमें उनकी बेटी की स्थिति ठीक नहीं दिखाई जा रही थी। उन्होंने दावा किया कि उनकी बेटी की हालत कभी भी वैसी नहीं थी, जैसी वीडियो में दिखाई गई। अंतिम संस्कार के दौरान दोबारा विवाद बढ़ने की आशंका को देखते हुए ज्वालामुखी पुलिस पहले से ही श्मशानघाट में मौजूद थी। पथराव और लाठी-डंडों से हुए विवाद के बीच पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत करवाने का प्रयास किया और स्थिति को संभालने में अहम भूमिका निभाई। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। महिला की मौत के बाद से ही दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सामने आएगा मौत का असली कारण
इस मामले में ज्वालामुखी के एसपी नवदीप सिंह ने बताया कि महिला की मौत प्राकृतिक कारणों, किसी बीमारी, जहरीले पदार्थ के सेवन या किसी अन्य वजह से हुई है, इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और मायका पक्ष को पूरा न्याय दिलाया जाएगा। बोहन भाटी के मौजूदा प्रधान एवं मृतिका के पति कपिल देव का अभी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। फिलहाल विवाहिता की मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही चल पाएगा। मायका पक्ष के आरोपों की भी जांच होनी बाकी है। मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
