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अम्ब, 08 नवंबर। अम्ब-अन्दौरा रेलवे स्टेशन पर एक बेहद हृदयविदारक हादसा पेश आया, जहां चलती ट्रेन में सवार होने की जल्दबाजी एक प्रवासी श्रमिक की जिंदगी पर भारी पड़ गई। त्यौहार के मौके पर अपने घर जाने की उम्मीद लिए स्टेशन पहुंचे इस व्यक्ति का ट्रेन में चढ़ते समय अचानक संतुलन बिगड़ गया और वह चलती रेलगाड़ी व प्लेटफॉर्म के बीच के हिस्से में फंस गया। इस भीषण दुर्घटना में श्रमिक को अपना एक पैर गंवाना पड़ा है।
घायल श्रमिक को तत्काल सिविल अस्पताल अम्ब पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार देने के बाद चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे पीजीआई चंडीगढ़ रैफर कर दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह हादसा शुक्रवार मध्यरात्रि उस वक्त घटा, जब गुरुमुखी एक्सप्रैस सवारियां उतारने के बाद खाली होकर वापस नंगल की तरफ रवाना हो रही थी। इसी दौरान प्लेटफॉर्म पर मौजूद श्रमिक ने चलती ट्रेन के जनरल कोच में चढ़ने का प्रयास किया, लेकिन रफ्तार पकड़ती ट्रेन के साथ वह सामंजस्य नहीं बिठा सका और संतुलन खोकर नीचे जा गिरा। ट्रेन की चपेट में आने से उसका एक पैर बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर शरीर से अलग हो गया। हादसे का शिकार हुए व्यक्ति की पहचान 45 वर्षीय मुख्त्यार महतो पुत्र दरोगा महतो के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के अंतर्गत गांव मच्छर गनवान का निवासी है।
रेलवे पुलिस चौकी ऊना के प्रभारी एसआई सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि मुख्त्यार महतो नंगल में दिहाड़ी-मजदूरी कर अपनी आजीविका चलाता है। वह छठ पूजा के पर्व पर बिहार स्थित अपने पैतृक घर जाने की तैयारी में था। त्यौहारी भीड़ के बीच जनरल डिब्बे में एक सीट हासिल करने के उद्देश्य से वह नंगल से विशेष तौर पर अम्ब-अन्दौरा स्टेशन पहुंचा था, लेकिन सीट पाने की इसी जद्दोजहद में वह इस हादसे का शिकार हो गया। रेलवे पुलिस ने घायल श्रमिक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी है और मामले में नियमानुसार आगामी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
