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हमीरपुर, 24 अक्टूबर। हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले की सदर पुलिस ने धोखाधड़ी के एक पुराने मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने शादी करवाने का झांसा देकर एक परिवार से नकदी और गहने ऐंठने वाली आरोपी महिला को चंडीगढ़ से धर दबोचा है। यह महिला पिछले करीब डेढ़ साल से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रही थी। पुलिस ने आरोपी महिला को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 4 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह मामला करीब डेढ़ साल पुराना है और सदर थाना के अंतर्गत आने वाली पुलिस चौकी जम्बाला क्षेत्र से जुड़ा है। आरोपी महिला की पहचान 40 वर्षीय आशा कुमारी पत्नी त्रिलोक चंद (निवासी गांव सन्नू, डाकघर रंगड़, तहसील सुजानपुर) के रूप में हुई है। आरोपी महिला और उसके पति त्रिलोक चंद ने एक स्थानीय परिवार को उनके बेटे की शादी करवाने का झांसा देकर अपने जाल में फंसाया था।
शादी तय करवाने के नाम पर इस शातिर दंपति ने पीड़ित परिवार से नकदी, सोने की अंगूठी और महंगे कपड़े ऐंठ लिए। जब काफी समय बीत जाने के बाद भी शादी नहीं करवाई गई और दोनों टालमटोल करने लगे, तो पीड़ित परिवार को अपने साथ हुई इस ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद पीड़ित परिवार ने तुरंत सदर पुलिस थाना हमीरपुर में दंपति के खिलाफ धोखाधड़ी की लिखित शिकायत दर्ज करवाई थी।
पति पहले ही हो चुका था गिरफ्तार, पत्नी हुई थी फरार
पीड़ित परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए करीब डेढ़ साल पहले मुख्य आरोपी पति त्रिलोक चंद को गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि, उसकी पत्नी (आशा कुमारी) पुलिस को चकमा देने में कामयाब रही और मौके से फरार हो गई।
गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी महिला हिमाचल से भागकर चंडीगढ़ पहुंच गई। वहां उसने अपनी पहचान पूरी तरह से छिपा ली और अपना भरण-पोषण करने व पुलिस से बचने के लिए एक घर में साफ-सफाई और खाना बनाने का काम करने लगी। इधर, हमीरपुर पुलिस की एक विशेष टीम लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थी। अंततः गुप्त सूचना और सर्विलांस के आधार पर पुलिस टीम ने चंडीगढ़ में दबिश दी और उसे गिरफ्तार कर हमीरपुर ले आई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश उपाध्याय ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी महिला से गहन पूछताछ की जाएगी, ताकि ठगी गई नकदी और आभूषणों की बरामदगी की जा सके।
