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हमीरपुर, 13 अक्टूबर। डॉ. राधाकृष्णन मैडीकल कालेज एवं अस्पताल हमीरपुर रैगिंग के संवेदनशील मामले को लेकर विवादों और चर्चाओं के घेरे में आ गया है। कालेज में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के एक छात्र के साथ सीनियर छात्रों द्वारा रैगिंग और मानसिक प्रताड़ना देने के कथित आरोप लगे हैं। जानकारी के मुताबिक पीड़ित छात्र बाहरी राज्य का रहने वाला बताया जा रहा है, जिसने मानसिक परेशानी के बाद कालेज प्रशासन को इस संदर्भ में एक शिकायत सौंपी है। हालांकि यह स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है कि पीड़ित ने किस माध्यम से यह शिकायत कालेज प्रशासन को सौंपी है, क्योंकि छात्र इसे लिखित तो कालेज प्रशासन ई-मेल के माध्यम से की गई बता रहा है।
अस्पताल के विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार यह घटना शनिवार को घटित हुई है, जिसके बाद से ही परिसर में माहौल गर्माया हुआ है। रैगिंग की इस कथित घटना को अंजाम देने वाले आरोपी छात्र एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के बताए जा रहे हैं, जिनकी संख्या आधा दर्जन से अधिक है। आरोप है कि इन सीनियर छात्रों ने जूनियर छात्र के साथ दुर्व्यवहार किया और उसे मानसिक तौर पर परेशान किया। हालांकि अभी तक यह पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो सका है कि रैगिंग का यह संवेदनशील मामला कालेज परिसर अथवा होस्टल के भीतर हुआ है या फिर परिसर से बाहर किसी निजी आवास या किराए के कमरे में। कालेज प्रबंधन इस पहलू को ध्यान में रखकर भी जांच को आगे बढ़ा रहा है।
मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए सोमवार को मैडीकल कालेज की एंटी रैगिंग कमेटी की एक बेहद अहम बैठक बुलाई गई। इस बैठक में पीड़ित छात्र द्वारा दी गई शिकायत पर मंथन किया गया। सूत्रों के अनुसार कमेटी के समक्ष संदेह के घेरे में आए द्वितीय वर्ष के करीब आधा दर्जन से अधिक छात्रों को 1-1 करके तलब किया गया और बंद कमरे में उनसे कड़ी पूछताछ की गई। कमेटी ने छात्रों के बयान भी दर्ज किए हैं, ताकि सच्चाई का पता लगाया जा सके।
कालेज प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने बताया कि संस्थान को इस संदर्भ में एक गुमनाम शिकायत प्राप्त हुई है। शिकायत के आधार पर तुरंत त्वरित कार्रवाई अमल में लाते हुए संदेह के दायरे में आए कुछ छात्रों से गहन पूछताछ की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कालेज की एंटी रैगिंग कमेटी इस पूरे मामले को बेहद पारदर्शिता और गंभीरता से लेते हुए छानबीन कर रही है। यदि जांच रिपोर्ट के मुताबिक छात्र दोषी पाए जाते हैं तो नियमों के तहत उनके विरुद्ध निष्कासन जैसी कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
