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शिमला, 03 अक्टूबर। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की तरफ से 5 अक्तूबर को बुलाई गई मंत्रिमंडल बैठक में कर्मचारी और पैंशनरों को महंगाई भत्ते (डीए) की किस्त दिए जाने के संदर्भ में कोई निर्णय लिया जा सकता है। इसके संकेत मुख्यमंत्री ने गत दिनों अपने मंडी जिले के दौरे के दौरान दिए थे, जिसमें उन्होंने कहा था कि इस बार कर्मचारी दीपावली अच्छी तरह मना सकेंगे। इसका कारण प्रदेश की आर्थिक स्थिति में सुधार होना है। मंत्रिमंडल बैठक में इस विषय पर प्रमुखता से चर्चा होने एवं निर्णय लिए जाने की संभावना है।
इसके अलावा आम आदमी को भी सरकार फैस्टिवल सीजन में तोहफा दे सकती है, जिसमें पशुपालकों के दूध एवं मंडी मध्यस्थता योजना (एमआईएस) के तहत खरीदे जाने वाले सेब एवं नींबू प्रजाति के फलों के समर्थन मूल्य को बढ़ाया जा सकता है। सरकार की तरफ से इस माह 600 करोड़ रुपए कर्ज लेने का निर्णय लिया गया है। ऐसे में संभव है कि विकास कार्य के साथ सरकार हर वर्ग को फैस्टिवल सीजन में थोड़ी राहत दे।
इसके अलावा प्रदेश से मानसून अब विदा लेने वाला है, तो मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप खनन के लिए नए विभाग का गठन करने व ड्रेजिंग पॉलिसी को बनाने के संदर्भ में भी निर्णय लिया जा सकता है। हालांकि अभी यह तय नहीं है कि इसके ऊपर मौजूदा बैठक में या फिर बाद में निर्णय लिया जाएगा। नए विभाग बनाए जाने से नदियों की ड्रेजिंग सहित अन्य कार्यों का जिम्मा दिया जा सकता है। इससे खनन से सरकारी कोष में आने वाले राजस्व में बढ़ौतरी हो सकती है।
सरकार खाली पदों को भरने की दिशा में भी आगे बढ़ सकती है, क्योंकि दिसम्बर, 2026 तक 50,000 नौकरियां देने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें शिक्षा विभाग सहित कई अन्य विभागों में पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री की बजट घोषणाओं पर भी मंत्रिमंडल में मुहर लगने की संभावना है।
सरकार की तरफ से गठित विभिन्न मंत्रिमंडलीय उपसमितियों की सिफारिश के आधार पर भी कोई निर्णय लिया जा सकता है, साथ ही विभिन्न विभागों की तरफ से लाए गए प्रस्तावों के आधार पर चर्चा के बाद निर्णय लिया जाएगा। टीसीपी विभाग से जुड़े कुछ विषयों से संबंधित प्रस्ताव बैठक में आने पर उन्हें मंजूरी प्रदान की जा सकती है।
