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बिलासपुर, 09 अक्टूबर। हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा केंद्र से आर्थिक मदद न मिलने के लगाए जा रहे आरोपों पर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कड़ा पलटवार किया है। बिलासपुर दौरे पर आए केंद्रीय मंत्री ने एक पत्रकार वार्ता के दौरान आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने हिमाचल को विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए अरबों रुपए दिए हैं, लेकिन राज्य सरकार इन निधियों का सदुपयोग करने में विफल साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि केवल राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए ही केंद्र ने हिमाचल को 55 हजार करोड़ रुपए से अधिक का बजट दिया है, जो प्रदेश के कुल बजट से भी ज्यादा है।
रेलवे परियोजनाओं की धीमी गति पर सवाल उठाते हुए जेपी नड्डा ने बताया कि 62 किलोमीटर लंबी भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी रेलवे लाइन की अनुमानित लागत 13,410 करोड़ रुपए है। इसमें हिमाचल को अपने हिस्से के 4,818 करोड़ रुपए देने हैं, लेकिन राज्य ने अब तक केवल 847 करोड़ रुपए ही जमा करवाए हैं। इसके अलावा, बिलासपुर से आगे बैरी तक राज्य सरकार ने अब तक भूमि अधिग्रहण ही नहीं किया है। वहीं, 1540 करोड़ रुपए की चंडीगढ़-बद्दी रेलवे लाइन पर 1160 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं, लेकिन हिमाचल सरकार ने यहां भी अपने हिस्से के 231 करोड़ रुपए अभी तक जमा नहीं करवाए हैं।
स्वास्थ्य सुविधाओं और निवेश के मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरते हुए जेपी नड्डा ने कहा कि वे बड़ी मेहनत से हिमाचल के लिए 100 करोड़ रुपए का मेडिकल डिवाइस पार्क लेकर आए थे, लेकिन प्रदेश सरकार ने अक्तूबर 2024 में यह प्रस्ताव वापस ले लिया और 30 करोड़ की पहली किस्त भी केंद्र को लौटा दी। नड्डा ने कहा कि ऐसा करके प्रदेश सरकार ने युवाओं से रोजगार का एक बड़ा अवसर छीन लिया। इसके अलावा, 15वें वित्त आयोग में हिमाचल को मिले 521 करोड़ रुपए में से प्रदेश मात्र 390 करोड़ रुपए ही खर्च कर पाया है।
जेपी नड्डा ने बताया कि वर्ष 2021-22 में केंद्र ने हिमाचल में 9 क्रिटिकल केयर ब्लॉक बनाने के लिए 360 करोड़ रुपए दिए थे, लेकिन अब तक मात्र एक ही ब्लॉक बन पाया है। इसी तरह वर्ष 2021 में स्वीकृत 12 इंटिग्रेटिड स्वास्थ्य लैब में से एक का भी निर्माण नहीं हो सका है। केंद्र ने राज्य को राहत देते हुए इसके निर्माण के लिए मार्च 2027 तक का समय विस्तार दिया है।
मुख्यमंत्री के आग्रह पर जाइका से दिलाए 1422 करोड़ रुपए
जेपी नड्डा ने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने उनसे मुलाकात कर जाइका परियोजना में बजट उपलब्ध करवाने का आग्रह किया था। इसके बाद 1422 करोड़ रुपए स्वीकृत करवाए गए, जिसमें राज्य को मात्र 10 प्रतिशत राशि देनी है। इस राशि से चम्बा, नाहन और हमीरपुर मेडिकल कॉलेजों के लिए 547 करोड़, ऊना में पीजीआई सैटेलाइट सैंटर के लिए 495 करोड़ तथा आईजीएमसी शिमला में सुपर स्पैशलिटी ब्लाॅक के लिए करीब 200 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
मार्च 2027 तक पूरा होगा कीरतपुर-मनाली फोरलेन का काम
सड़क परियोजनाओं की जानकारी देते हुए नड्डा ने कहा कि प्रदेश में 2592 किलोमीटर लंबे 25 राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण चल रहा है। 12,939 करोड़ रुपए की लागत वाली कीरतपुर-मनाली फोरलेन सड़क (पंडोह-टकोली खंड सहित) को मार्च 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा। इस परियोजना में 44 किलोमीटर लंबी 31 सुरंगें शामिल हैं। वहीं, परवाणु-सोलन-शिमला बाईपास पर 15 सुरंगें बन रही हैं। सोलन-कैथलीघाट बाईपास का निर्माण सितम्बर 2027 और शिमला बाईपास का कार्य सितम्बर 2028 तक पूरा कर लिया जाएगा।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की 9 सड़कें अभी भी लंबित
नड्डा ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत केंद्र 4,170 सड़कों के लिए 13,697 करोड़ रुपए दे रहा है। हालांकि, प्रथम चरण की 9 सड़कें अभी भी लंबित हैं। इन सड़कों के लिए बजट की समय सीमा 2027 तक बढ़ाई गई है। नड्डा ने प्रदेश सरकार को नसीहत दी कि वह इन 9 सड़कों का कार्य शीघ्र पूरा करवाए अन्यथा इसके बाद केंद्र पैसा नहीं दे पाएगा।
केंद्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि 15,624 करोड़ रुपए की किशाऊ बहुउद्देश्यीय परियोजना को केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया है। इस परियोजना में 90 प्रतिशत खर्च केंद्र उठाएगा। इस संबंध में हिमाचल, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली के बीच समझौता हो चुका है। इससे 97 हजार हैक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा और 1476 मिलियन यूनिट बिजली प्राप्त होगी।
समीक्षा बैठक में दिए परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश
इस पत्रकार वार्ता के दौरान सांसद राजीव भारद्वाज, मंडी की सांसद कंगना रनौत और राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन भी जेपी नड्डा के साथ मौजूद रहे। इससे पूर्व, केंद्रीय मंत्री ने डीसी कार्यालय बिलासपुर में प्रदेश में चल रहे राष्ट्रीय राजमार्गों, ग्रामीण सड़कों, रेल मार्गों व अन्य प्रमुख विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक भी ली और राज्य सरकार से सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे करने का आग्रह किया।
