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इंटरनेशनल डेस्क। चीन की राजधानी बीजिंग में एक 22 वर्षीय युवक की मौत का मामला सामने आया है, जिसे कथित तौर पर 10 मिनट के भीतर 1.5 लीटर कोका-कोला पीने के बाद गंभीर स्वास्थ्य समस्या हुई थी। ‘डेली मेल’ की रिपोर्ट के मुताबिक, तेज गति से बड़ी मात्रा में शीतल पेय पीने के करीब छह घंटे बाद युवक के पेट में तेज दर्द और सूजन हुई। अस्पताल पहुंचने पर उसकी हालत बेहद गंभीर मिली और इलाज के करीब 18 घंटे बाद उसने दम तोड़ दिया। हालांकि, विशेषज्ञों ने इस मामले में केवल कोल्ड ड्रिंक को मौत का कारण मानने पर सवाल उठाए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, गर्मी से राहत पाने के लिए युवक ने करीब 10 मिनट में 1.5 लीटर कोका-कोला पी ली। इसके लगभग छह घंटे बाद उसके पेट में तेज दर्द होने लगा और पेट फूल गया। इसके बाद उसे बीजिंग के चाओयांग अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में जांच के दौरान उसकी दिल की धड़कन तेज थी, सांस उथली चल रही थी और रक्तचाप बेहद कम था। चिकित्सकों ने उसके शरीर में इस्केमिक हेपेटाइटिस, जिसे आम तौर पर ‘शॉक लिवर’ कहा जाता है, के संकेत पाए।
डॉक्टरों के अनुसार, शॉक लिवर ऐसी स्थिति है जिसमें लिवर को पर्याप्त रक्त और ऑक्सीजन नहीं मिल पाती। इससे लिवर की कोशिकाओं को गंभीर नुकसान हो सकता है। ‘क्लिनिक्स एंड रिसर्च इन हेपेटोलॉजी एंड गैस्ट्रोएंटरोलॉजी’ में प्रकाशित मामले की रिपोर्ट के अनुसार, चिकित्सकों ने आशंका जताई कि बहुत तेजी से बड़ी मात्रा में कार्बोनेटेड पेय पीने के कारण युवक की आंतों में अत्यधिक गैस बनी।
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि गैस बाद में लिवर की मुख्य रक्त वाहिका तक पहुंच गई, जिससे रक्त प्रवाह और ऑक्सीजन की आपूर्ति प्रभावित हुई। डॉक्टरों ने दवाओं के जरिए उसकी स्थिति संभालने और लिवर को आगे होने वाले नुकसान से बचाने की कोशिश की।इलाज के दौरान शुरुआती प्रयासों के बावजूद युवक की हालत में सुधार नहीं हुआ। करीब 12 घंटे बाद हुई जांच में लिवर को गंभीर नुकसान के संकेत मिले। आखिरकार अस्पताल में भर्ती किए जाने के करीब 18 घंटे बाद उसकी मौत हो गई। रिपोर्ट के मुताबिक, घटना से पहले युवक पूरी तरह स्वस्थ था और उसे किसी गंभीर बीमारी की जानकारी नहीं थी।
हालांकि, इस मामले में यह कहना कि केवल कोका-कोला पीने से युवक की मौत हुई, पूरी तरह स्थापित नहीं है। यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के जैव-रसायन विशेषज्ञ प्रोफेसर नाथन डेविस ने इस दावे पर संदेह जताया है। उनका कहना है कि केवल शीतल पेय पीने से इस तरह की जानलेवा स्थिति पैदा होने की संभावना बहुत कम है। उन्होंने यह संभावना भी जताई कि शरीर में अत्यधिक गैस बनने के पीछे किसी जीवाणु संक्रमण की भूमिका हो सकती है, जिसने स्थिति को गंभीर बनाया हो।
