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शिमला,07 जुलाई। अगर आप हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) की बसों में सफर करते हैं, तो अब आपको कंडक्टर की सीट बदली हुई नजर आ सकती है। निगम ने कंडक्टरों की सीट व्यवस्था को लेकर नए नियम लागू कर दिए हैं। अब लंबे रूट और रात में चलने वाली बसों में कंडक्टर आगे की सीट पर बैठ सकेगा, जबकि छोटे रूटों पर पहले जैसी व्यवस्था ही रहेगी।
HRTC ने कंडक्टरों के बैठने की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। नए आदेशों के मुताबिक, अब 150 किलोमीटर से अधिक दूरी वाले सभी रूटों पर कंडक्टर को बस की फ्रंट सीट (सीट नंबर-1) पर बैठने की अनुमति होगी। इसके अलावा, सूर्यास्त के बाद शुरू होने वाली सभी नाइट बस सेवाओं में भी कंडक्टर आगे की सीट पर बैठ सकेगा।
हालांकि, 150 किलोमीटर से कम दूरी वाले दिन के रूटों पर कोई बदलाव नहीं किया गया है। ऐसे रूटों पर कंडक्टर पहले की तरह बस के पिछले दरवाजे के पीछे बनी आखिरी सीट पर ही बैठेगा। यानी छोटे दिन के रूटों में पुरानी व्यवस्था ही जारी रहेगी।
HRTC के प्रबंध निदेशक डॉ. निपुण जिंदल ने इस संबंध में नए आदेश जारी किए हैं। इसके साथ ही 16 जुलाई 2014 को जारी पुराने निर्देशों को रद्द कर दिया गया है। नई सीट व्यवस्था के नियम तत्काल प्रभाव से पूरे प्रदेश में लागू कर दिए गए हैं।
निगम का कहना है कि लंबे रूटों और रात के समय बस चलने के दौरान कंडक्टर को ज्यादा सतर्क रहना पड़ता है। आगे की सीट मिलने से उसे यात्रा के दौरान सुविधा मिलेगी, बस संचालन पर बेहतर नजर रख सकेगा और परिचालन व्यवस्था भी पहले से अधिक प्रभावी होगी।
नई सुविधा मिलने का मतलब यह नहीं है कि कंडक्टर अपनी जिम्मेदारियों से मुक्त हो जाएगा। HRTC ने साफ किया है कि कंडक्टर पहले बस में चढ़ने वाले सभी यात्रियों को टिकट जारी करेगा, आगे और पीछे के दरवाजे सुरक्षित तरीके से बंद करवाएगा और अपनी सभी जरूरी ड्यूटी पूरी करेगा। इसके बाद ही वह अपनी निर्धारित सीट पर बैठ सकेगा।
यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निगम ने बस चालक के मोबाइल इस्तेमाल को लेकर भी सख्त नियम लागू किए हैं। अब बस चलाते समय ड्राइवर मोबाइल पर बात नहीं करेगा। मोबाइल फोन साइलेंट मोड पर रहेगा और जरूरत पड़ने पर वह मोबाइल कंडक्टर के पास रखा जाएगा, ताकि ड्राइवर का पूरा ध्यान सड़क पर रहे।
HRTC ने साफ चेतावनी दी है कि यदि 150 किलोमीटर से कम दूरी वाले दिन के रूट पर कोई कंडक्टर नियमों के खिलाफ आगे की सीट पर बैठा पाया गया, तो उसके खिलाफ 2,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। निगम ने सभी डिपो और कर्मचारियों को इन नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं।
निगम प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट किया है कि नई सीट व्यवस्था केवल कंडक्टर की सुविधा के लिए लागू की गई है। टिकट वितरण, टिकट जांच और अन्य परिचालन जिम्मेदारियों में किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी। यदि किसी बस में बिना टिकट यात्री मिलता है, तो संबंधित कंडक्टर के खिलाफ पहले की तरह नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी
