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बिलासपुर, 11 जून। निदेशक एवं प्रारक्षी मत्स्य विवेक चंदेल ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश के जलाशयों एवं सामान्य जल स्रोतों में मत्स्य संपदा के संरक्षण के लिए बंद अवधि के दौरान अवैध मत्स्य आखेट के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान 16 जून से 9 जुलाई, 2026 तक चलाए गए प्रदेशभर में अवैध मत्स्य आखेट के 220 मामले दर्ज किए है तथा जुर्माने के रूप में 2.28 लाख रुपये वसूल किए है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के पांच प्रमुख जलाशयों, जिनमें गोविंद सागर, पौंग डैम, चमेरा डैम, कोल डैम तथा रणजीत सागर शामिल है में लगभग 43,785 हेक्टेयर क्षेत्र में, लगभग 5,900 मछुआरे आजीविका अर्जित कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त प्रदेश की लगभग 2,400 किलोमीटर लंबी नदियों, नालों एवं सहायक जलधाराओं में भी 6,000 से अधिक मछुआरे मत्स्य आखेट से जुड़े हैं।
विवेक चंदेल ने बताया कि मत्स्य संपदा के संरक्षण तथा मछलियों के प्राकृतिक प्रजनन को बढ़ावा देने के दृष्टिगत विभाग हरवर्ष 16 जून से 15 अगस्त तक मत्स्य आखेट पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करता है। इस प्रतिबंधित अवधि के दौरान जलाशयों की सुरक्षा के लिए विभाग ने व्यापक निगरानी व्यवस्था लागू की है।
गोविंद सागर जलाशय के लिए 16 विशेष कैंप, कोल डैम के लिए 3 विशेष कैंप तथा एक उड़नदस्ता तैनात किया गया है। इसी प्रकार पौंग जलाशय में 17 विशेष कैंप एवं एक उड़नदस्ता, जबकि चंबा जिला में चमेरा एवं रणजीत सागर क्षेत्र के लिए 3 विशेष कैंप और एक उड़नदस्ता लगातार निगरानी कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त विभागीय टीमें नौकाओं, वाहनों तथा पैदल गश्त के माध्यम से जलाशयों, नदियों, नालों और खड्डों में भी नियमित निगरानी रख रही हैं।
उन्होंने बताया कि जलाशयों में अब तक की गई कार्रवाई के तहत गोविंद सागर में 26 मामलों में 36 हजार रुपये, कोल डैम में 2 मामलों में 15 सौ रुपये, पौंग जलाशय में 55 मामलों में 52,300 रुपये, चमेरा जलाशय में 4 मामलों में 3 हजार रुपये तथा रणजीत सागर जलाशय में 5 मामलों में 4 हजार रुपये जुर्माने के रूप में वसूले गए।
उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा सामान्य जल स्रोतों में भी कार्रवाई लगातार जारी है। बिलासपुर में 30 मामलों में 38,700 रूपये, कांगड़ा में 80 मामलों में 81,400 रूपये, चंबा में 30 मामलों में 52,838 रूपये, हमीरपुर में 7 मामलों में 3,100 रूपये, कुल्लू में 9 मामलों में 4,300 रूपये, मंडी में 21 मामलों में 12,700 रूपये, सिरमौर में 11 मामलों में 4,700 रूपये, ऊना में 6 मामलों में 10 हजार रूपये तथा सोलन में 26 मामलों में 20,600 रूपये जुर्माने के रूप में वसूले गए।
निदेशक एवं प्रारक्षी मत्स्य विवेक चंदेल ने कहा कि अवैध मत्स्य आखेट पर प्रभावी नियंत्रण के लिए नियमित गश्त, निगरानी और प्रवर्तन की कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी। उन्होंने सभी मछुआरों तथा आम नागरिकों से अपील की कि वह प्रतिबंधित अवधि के दौरान किसी भी प्रकार का अवैध मत्स्य आखेट न करें तथा मत्स्य संसाधनों के संरक्षण में सहयोग दें।
