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बिलासपुर, 08 जुलाई। बिलासपुर के मंडी भराड़ी चौक पर सनी गिल पर हुए जानलेवा कुल्हाड़ी हमले के मामले में पुलिस अधीक्षक (SP) बिलासपुर ने विभागीय कार्रवाई की है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि हमले के समय एक पुलिस जवान और एक होमगार्ड कर्मी मौके पर मौजूद थे। ड्यूटी के दौरान कथित लापरवाही के आरोपों के मद्देनज़र एक पुलिस जवान को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया गया है, जबकि एक होमगार्ड कर्मी को उसके मूल विभाग (Repatriate) भेज दिया गया है। मामले की विभागीय जांच भी जारी है।
गौरतलब है कि बुधवार सुबह करीब 10 बजे मंडी भराड़ी चौक पर कुछ अज्ञात हमलावरों ने सनी गिल पुत्र जितेंद्र सिंह, निवासी किला मोहल्ला, लुधियाना (पंजाब) पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला कर दिया। हमले में सनी गिल गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत उपचार के लिए AIIMS बिलासपुर भेजा गया, जहां उसका इलाज जारी है।
घटना के संबंध में पुलिस थाना सदर बिलासपुर में एफआईआर संख्या 167/2026 दिनांक 08 जुलाई 2026 को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 126(2), 115(2), 352, 351(2) और 109 के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की गहन जांच कर रही है।
गौरतलब है कि इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में घायल सनी गिल यह दावा करता हुआ सुनाई दे रहा है कि उस पर सौरभ पटियाल उर्फ फांदी ने कुल्हाड़ी से हमला किया है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है।
यह मामला पहले से चर्चित गैंगवार से भी जुड़कर देखा जा रहा है। सनी गिल वही व्यक्ति है जिसे 20 जून 2024 को बिलासपुर जिला अदालत परिसर के बाहर सौरभ पटियाल उर्फ फांदी पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने मौके से हथियार सहित गिरफ्तार किया था। बाद में इस मामले में अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी हुई थी। इसके बाद 14 मार्च 2025 को होली के दिन पूर्व विधायक बंबर ठाकुर के आवास पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने सौरभ पटियाल उर्फ फांदी को कथित मास्टरमाइंड बताते हुए गिरफ्तार किया था।
अब सनी गिल पर हुए इस ताजा हमले के बाद एक बार फिर पुरानी रंजिश और गैंगवार के एंगल से भी जांच की जा रही है।
हालांकि, पुलिस का कहना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी साक्ष्यों और तथ्यों की गहन जांच की जाएगी।
एसपी ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच के दौरान किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। वहीं, हमले में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
