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शिमला, 19 जुलाई। हिमाचल प्रदेश के सरकारी विभागों, बोर्डों और निगमों में आउटसोर्स आधार पर नौकरी की चाह रखने वालों और विभागों के लिए बड़ी खबर है। राज्य सरकार ने आऊटसोर्स भर्तियों को लेकर नियम सख्त कर दिए हैं। अब किसी भी सरकारी विभाग में वित्त विभाग की पूर्व लिखित मंजूरी के बिना आऊटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती नहीं की जा सकेगी। वित्त विभाग की ओर से जारी इस नई गाइडलाइन के बाद सरकारी महकमों ने आदेशों पर अमल करना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में शिक्षा विभाग ने भी जिला स्तर पर इन आदेशों की सख्ती से अनुपालना सुनिश्चित करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
नई गाइडलाइन के तहत सरकार ने स्पष्ट किया है कि आऊटसोर्सिंग केवल एक अस्थायी, आवश्यकता-आधारित और नियमित भर्ती होने तक की व्यवस्था है। इसे किसी भी सूरत में सरकारी रोजगार का स्थायी या प्रमुख माध्यम नहीं माना जाएगा। इसके साथ ही सरकार ने 13 अक्तूबर, 2022 को जारी किए गए पूर्व आदेशों को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है।
स्वीकृत पद भरे होने पर नहीं रखा जाएगा आऊटसोर्स कर्मी
नई अधिसूचना के अनुसार, जिन विभागों में नियमित भर्ती नियमों के तहत स्वीकृत पद पहले से भरे हुए हैं, वहां अब आऊटसोर्सिंग के जरिए किसी भी कर्मचारी की नियुक्ति नहीं की जा सकेगी। सरकार ने सभी प्रशासनिक विभागों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे स्थायी रिक्त पदों पर नियमित भर्ती की प्रक्रिया में तेजी लाएं। आऊटसोर्सिंग का उपयोग अब केवल अस्थायी या विशेष तकनीकी सेवाओं तक ही सीमित रहेगा।
इस नई गाइडलाइन का सबसे अहम और सख्त प्रावधान यह है कि अब वित्त विभाग की पूर्व लिखित अनुमति के बिना किसी भी नई आऊटसोर्स नियुक्ति को पूरी तरह से अनधिकृत माना जाएगा। यदि कोई विभाग बिना मंजूरी के नियुक्ति करता है, तो ऐसा करने वाले सक्षम प्राधिकारी के खिलाफ सख्त कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
