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बिलासपुर, 28 जुलाई। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बिलासपुर के ईएनटी (ENT) ब्लॉक में मंगलवार सुबह ओपीडी शुरू होने से ठीक पहले सीलिंग का एक हिस्सा अचानक गिर गया। घटना सुबह करीब 8 बजे हुई। राहत की बात यह रही कि उस समय ओपीडी सेवाएं शुरू नहीं हुई थीं, जिससे किसी मरीज या कर्मचारी के घायल होने की सूचना नहीं है।
घटना के तुरंत बाद एम्स प्रबंधन, सुरक्षा कर्मियों और सफाई कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रभावित क्षेत्र को खाली कराया और मलबा हटाने का कार्य शुरू कर दिया। प्रबंधन की तत्परता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि करीब 30 मिनट के भीतर प्रभावित हिस्से को सुरक्षित बनाकर ओपीडी सेवाएं निर्धारित समय पर शुरू कर दी गईं। इससे दूर-दराज से इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को किसी बड़ी असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा।
हालांकि, इस घटना ने एम्स बिलासपुर में हुए निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल को बने अभी अधिक समय नहीं हुआ है, ऐसे में सीलिंग का इस प्रकार गिरना चिंता का विषय माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मामले में तकनीकी जांच कर यह पता लगाया जाना चाहिए कि निर्माण कार्य में इस्तेमाल की गई सामग्री निर्धारित मानकों के अनुरूप थी या नहीं तथा निर्माण की निगरानी किस स्तर पर की गई।
स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होती है। ऐसे में यह आवश्यक है कि घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि निर्माण कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता सामने आता है तो संबंधित एजेंसी या जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।
फिलहाल, घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है और अस्पताल की सेवाएं सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं। वहीं, प्रबंधन की त्वरित कार्रवाई की सराहना की जा रही है, लेकिन भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए निर्माण गुणवत्ता की व्यापक समीक्षा की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
