न्यूज अपडेट्स
नेशनल डेस्क। भारतीय रेल से सफर करने वाले करोड़ों यात्रियों की सुरक्षा को लेकर रेल मंत्रालय ने एक बड़ा कदम उठाया है। रेलवे ने देश भर के सभी छोटे-बड़े स्टेशनों पर फायर सेफ्टी ऑडिट कराने का निर्णय लिया है। ताकि स्टेशनों पर आग लगने जैसी दुर्घटनाओं से बजा जा सके। रेल मंत्रालय के अनुसार, इस ऑडिट के जरिए मौजूदा Security arrangements की बारीकी से समीक्षा की जाएगी। रेलवे का मानना है कि इस कदम से न केवल यात्रियों का सफर सुरक्षित होगा, बल्कि रेलवे की राष्ट्रीय संपत्ति को भी नुकसान से बचाया जा सकेगा।
इन प्रमुख हिस्सों की होगी सघन जांच:
सुरक्षा ऑडिट के तहत स्टेशनों के उन सभी महत्वपूर्ण विभागों और संसाधनों को शामिल किया जाएगा, जहां शॉर्ट-सर्किट या आग लगने का खतरा सबसे ज्यादा होता है। इनमें मुख्य रूप से....
-स्टेशन की मुख्य इमारतें और वेटिंग हॉल।
-बिजली के बड़े उपकरण, पैनल और केबल इंस्टॉलेशन।
-सेंट्रलाइज्ड एयर-कंडीशनिंग (AC) और वेंटिलेशन सिस्टम।
-आपातकालीन निकास द्वार (इमरजेंसी एग्जिट गेट)।
-आग बुझाने वाले आधुनिक उपकरण (फायर एक्सटिंग्विशर)।
-पानी की पर्याप्त उपलब्धता, हाई-प्रेशर पंपिंग व्यवस्था और ऑटोमैटिक स्प्रिंकलर सिस्टम।
जांच प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए मंत्रालय ने रेलवे के सभी जोनों को विशेष निर्देश दिए हैं। इसके तहत अलग-अलग विभागों के विशेषज्ञों और अधिकारियों को मिलाकर एक जॉइंट टीम का गठन किया जाएगा। यह टीम जमीनी स्तर पर जाकर स्टेशनों का बारीकी से मुआयना करेगी। आवश्यकता पड़ने पर इस काम में बाहरी विशेषज्ञ एजेंसियों और स्टेट फायर डिपार्टमेंट की मदद भी ली जाएगी। जांच रिपोर्ट में मिलने वाली खामियों को प्राथमिकता के आधार पर तुरंत ठीक किया जाएगा।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे स्टेशनों और ट्रेनों में ज्वलनशील पदार्थ न ले जाएं और अग्नि सुरक्षा के नियमों का कड़ाई से पालन करें। यदि स्टेशन परिसर में कोई संदिग्ध वस्तु या आग की चिंगारी जैसी घटना दिखाई दे, तो बिना देर किए तुरंत रेलवे स्टाफ या सुरक्षाकर्मियों को इसकी सूचना दें।
