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शिमला, 15 जून। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली स्थित सरस्वती पैराडाइज स्कूल परिसर में शनिवार रात हुई स्कूल संचालिका मनीषा मित्तल की हत्या के मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। मूल रूप से हरियाणा के रोहतक की रहने वाली मनीषा की हत्या के तार 18 साल पुरानी लव मैरिज और करोड़ों रुपये की संपत्ति के विवाद से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। वारदात के बाद हिमाचल पुलिस की टीम ने रोहतक में दबिश दी। हालांकि, मृतका का छोटा भाई हिमांक मित्तल अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
इस जघन्य हत्याकांड के बाद मनीषा मित्तल का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में उन्होंने अपनी जान को खतरा बताते हुए अपने छोटे भाई हिमांक पर गंभीर आरोप लगाए थे। वीडियो में मनीषा कह रही हैं कि उनका भाई शिमला वाली उनकी संपत्ति को अवैध रूप से हड़पना चाहता है। बता दें कि शनिवार रात को जब वह स्कूल परिसर के बाहर थीं, तब उन्हें बेहद नजदीक से गोली मार दी गई, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। जांच में सामने आया है कि इस पूरे विवाद की जड़ें करीब 18 साल पुरानी हैं। रोहतक में एमबीबीएस की पढ़ाई के दौरान मनीषा की मुलाकात रेवाड़ी के डॉ. सुभाष यादव से हुई थी, जिसके बाद दोनों ने प्रेम विवाह कर लिया था। इस प्रेम विवाह से मनीषा का मायका पक्ष बेहद नाराज था और एक दशक बीत जाने के बाद भी परिवार ने डॉ. सुभाष को स्वीकार नहीं किया था। मनीषा के भाई हिमांक का मानना था कि डॉ. सुभाष ने केवल उनकी पारिवारिक संपत्ति हथियाने के लिए मनीषा से शादी की थी।
मनीषा के माता-पिता ने बच्चों के बीच संपत्तियों का बंटवारा किया था। इसके तहत शिमला वाला 'सरस्वती पैराडाइज स्कूल' मनीषा को दिया गया था, जबकि रोहतक स्थित स्कूल छोटे भाई हिमांक को सौंपा गया था। दूसरी ओर, पिछले दो वर्षों से मनीषा और उनके पति डॉ. सुभाष के रिश्ते भी खराब हो गए थे। मनीषा ने पति पर मारपीट के आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। वर्तमान में यह मामला जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) और रेवाड़ी कोर्ट में लंबित है, जहां मनीषा और उनकी 17 वर्षीय बेटी का भरण-पोषण (मेंटेनेंस) का केस चल रहा है।
वहीं, मर्डर से महज एक सप्ताह पहले मनीषा अपने कोर्ट केस के सिलसिले में रेवाड़ी आई थीं। वहां उन्होंने अपने वकील से मुलाकात की थी। बातचीत के दौरान मनीषा ने रोहतक में अपने भाई के साथ चल रहे संपत्ति विवाद और उससे मिल रही मानसिक प्रताड़ना का जिक्र किया था। उन्होंने भावुक होकर अपने वकील से कहा था, "मैं इन सब विवादों से बहुत ज्यादा परेशान हो चुकी हूं। अब मैं शिमला में ही रहूंगी, लेकिन शिमला लौटने के कुछ ही दिनों बाद उनकी बेरहमी से हत्या कर दी गई।
