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बिलासपुर, 18 जून। हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) की बसों की हालत लगातार खराब होती जा रही है, लेकिन इससे भी अधिक चिंताजनक स्थिति HRTC बिलासपुर डिपो के प्रबंधन की दिखाई दे रही है। आए दिन बसों के खराब होने से यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, बिलासपुर बस अड्डे से सायं 6:15 बजे बंदला के लिए रवाना हुई रात्रि बस सेवा कुछ ही दूरी तय करने के बाद खराब हो गई। बताया जा रहा है कि बस बिलासपुर से लगभग आठ किलोमीटर दूर पहुंची थी, तभी उसमें तकनीकी खराबी आ गई। बस के बीच रास्ते में खड़ी होने से यात्रियों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा।
यात्रियों का आरोप है कि HRTC बिलासपुर डिपो की ओर से किसी भी प्रकार की वैकल्पिक बस की व्यवस्था नहीं की गई। बस खराब होने के बाद प्रबंधन की ओर से केवल यह जानकारी ली जाती रही कि मौके पर कितने यात्री मौजूद हैं और कितने यात्री अन्य साधनों से रवाना हो चुके हैं, लेकिन राहत के लिए दूसरी बस भेजने की व्यवस्था नहीं की गई।
बताया गया कि बस खराब होने के बाद क्षेत्रीय प्रबंधक, बिलासपुर से संपर्क किया गया, जिस पर उन्होंने बस भेजने की व्यवस्था किए जाने की बात कही। करीब एक घंटा बीत जाने के बाद भी जब कोई बस मौके पर नहीं पहुंची तो दोबारा संपर्क करने पर जवाब मिला कि उन्हें पहले से यह पता नहीं होता कि बस कब खराब हो जाएगी।
हैरानी की बात यह रही कि मात्र आठ किलोमीटर की दूरी पर खराब हुई बस तक मैकेनिक भी करीब डेढ़ घंटे बाद पहुंचे। तब तक कई यात्री मजबूरन टैक्सी कर अपने घरों के लिए रवाना हो चुके थे। यात्रियों का कहना है कि HRTC बिलासपुर डिपो की अव्यवस्था का आर्थिक बोझ उन्हें उठाना पड़ा और भारी किराया देकर टैक्सी का सहारा लेना पड़ा।
पूर्व BDC प्रत्याशी अनिल कुमार ने कहा कि टैक्सी का बिल HRTC प्रबंधन को भेजा जाएगा। यदि निगम द्वारा यात्रियों के टिकट और टैक्सी खर्च का भुगतान नहीं किया जाता है तो उपभोक्ता न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि HRTC बिलासपुर डिपो की लचर व्यवस्था का खामियाजा यात्री क्यों भुगते। HRTC मुख्यालय को इस मामले में अवगत करवाया गया है।
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं कहीं न कहीं HRTC बिलासपुर डिपो के प्रबंधन और बसों के रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। यात्रियों ने मांग की है कि निगम बसों के रखरखाव के साथ-साथ खराब होने की स्थिति में तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करे, ताकि यात्रियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
