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कांगड़ा, 31 मई। पालमपुर के एक निजी होटल के पीछे स्थित एक रिहायशी क्षेत्र में बंदर के बच्चे की मौत के बाद बंदरों के झुंड के आक्रामक व्यवहार से एक परिवार करीब 24 घंटे तक घर में कैद रहने को मजबूर हो गया।
जानकारी के अनुसार एक बंदर का बच्चा घर की छत पर पहुंचने के दौरान जल निकासी की संकरी पाइप में फंस गया। अन्य बंदरों ने उसे बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। लंबे समय तक फंसे रहने से बंदर के बच्चे की दम घुटने और थकावट के कारण मौत हो गई।
घटना से अनजान परिवार को शाम के समय स्थिति का अंदाजा तब हुआ, जब बड़ी संख्या में बंदर घर के आसपास जमा होने लगे। स्थानीय लोगों के मुताबिक बंदरों की लगातार चीख-पुकार और आक्रोशपूर्ण गतिविधियों से इलाके में दहशत का माहौल बन गया। बंदरों का झुंड पूरी रात घर के आसपास डटा रहा, जिससे परिवार घर के भीतर ही रहने को मजबूर रहा।
अगले दिन बंदरों के अधिक आक्रामक होने पर परिवार और स्थानीय लोगों ने संबंधित विभागों से मदद मांगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वन परिक्षेत्र अधिकारी आदित्य सिंह ने तुरंत प्रशिक्षित टीम को मौके पर भेजा। वन विभाग की टीम ने पाया कि बंदरों का झुंड उस स्थान की निगरानी कर रहा था, जहां बंदर का बच्चा फंसा हुआ था।
टीम ने पटाखों और ध्वनि आधारित उपायों से बंदरों को हटाने का प्रयास किया, लेकिन वे वहां से नहीं हटे। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद टीम छत तक पहुंची और शव को पाइप से बाहर निकालकर हटाया। शव को हटाने के कुछ समय बाद बंदरों का झुंड धीरे-धीरे वहां से चला गया और क्षेत्र में स्थिति सामान्य हो गई।
