न्यूज अपडेट्स
शिमला, 27 अप्रैल। सस्ते राशन के डिपुओं मेें राशन फर्जीवाड़ा रोकने व राशन वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए अब खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग डिपुओं में फेस ऑथैंटिकेशन व आई स्कैनिंग से राशन देने की तैयारी कर रहा है। फेस ऑथैंटिकेशन से राशन देने की प्रणाली को लेकर विभाग ने टैंडर आमंत्रित किए थे। जिसमें अब 3 कंपनियां आगे आई हैं।
फिलहाल विभाग ने फेस ऑथैंटिकेशन व आई स्कैन मशीन से राशन देने के लिए टैक्नीकल बिड खोली और तकनीकी मूल्यांकन कर रही है कि ये मशीनें किस तरह काम करेंगी और किस तरह से राशन वितरण में पारदर्शिता आएगी, 30 अप्रैल तक यह प्रक्रिया चलेगी। इसके बाद फाइनल बिड होगी। इस बिड में जिस कंपनी की मशीनों की कीमत कम होगी उस कंपनी को विभाग टैंडर जारी करेगा। वहीं फेस ऑथैंटिकेशन मशीनों की खरीद की जाएगी। मशीनों की खरीद से पहले प्रदेश सरकार की मंजूरी ली जाएगी।
नई मशीनों के आने के बाद उपभोक्ता को न बायोमीट्रिक फिंगर प्रिंट व ओटीपी के झमेले से भी नहीं जूझना पड़ेगा, इसमें परिवार के किसी भी सदस्य के फेस ऑथैंटिकेशन व आई स्कैनिंग से राशन मिलेगा। इसके लिए प्रदेश भर में पहले ही राशन कार्ड के तहत शामिल सभी सदस्यों की ई-केवाईसी करवा ली गई है। साथ ही हर उपभोक्ता के राशन के डिजिटल बिल का प्रिंट भी उपलब्ध करवाया जाएगा।
फेस ऑथैंटिकेशन से राशन देने के लिए विभाग 5100 अत्याधुनिक नई पोस मशीनों की खरीद करेगा। इसके लिए विभाग की टैंडर प्रक्रिया जारी है। इसी मशीन में फेस व आंखों के आई स्कैन से उपभोक्ता के राशन की पुष्टि होगी। राशन कार्ड पहले ही विभाग ने आधार से लिंक कर दिया है। जिससे कोई भी उपभोक्ता जब मशीन में चेहरा व आंखें स्कैन करेगा। राशन की जानकारी मशीन पर आ जाएगी।
