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शिमला, 7 अप्रैल। हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य में अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों (ट्रांसफर) पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह निर्णय आगामी पंचायत राज संस्थाओं और शहरी निकायों के चुनावों को निष्पक्ष और सुचारू रूप से संपन्न कराने के मद्देनज़र लिया गया है।
कार्मिक विभाग द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, चुनाव संबंधी गतिविधियों के चलते बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी मैदान में तैनात हैं। ऐसे में उनके तबादलों से चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने तत्काल प्रभाव से ट्रांसफर पर पूरी तरह रोक लगा दी है।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि चुनाव ड्यूटी में लगे अधिकारी/कर्मचारी राज्य निर्वाचन आयोग के नियंत्रण में रहेंगे और इस दौरान उनकी तैनाती में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया जाएगा।
हालांकि, विशेष परिस्थितियों में ट्रांसफर की अनुमति दी जा सकती है, लेकिन इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग की पूर्व स्वीकृति अनिवार्य होगी। साथ ही संबंधित विभाग को यह प्रमाणित करना होगा कि संबंधित अधिकारी चुनाव ड्यूटी में तैनात नहीं है या ट्रांसफर अत्यंत आवश्यक कारणों जैसे गंभीर बीमारी, अनुशासनात्मक कार्रवाई या न्यायालय के आदेश के कारण किया जा रहा है।
सरकार ने यह भी निर्देश दिए हैं कि बिना निर्वाचन आयोग की अनुमति के जारी किए गए ट्रांसफर आदेश अमान्य माने जाएंगे और संबंधित अधिकारी को कार्यमुक्त नहीं किया जाएगा। इस नियम का उल्लंघन करने पर विभागाध्यक्ष की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी।
सरकार ने सभी विभागों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं और किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लेने की चेतावनी दी है।
