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शिमला, 02 अप्रैल। हिमाचल प्रदेश की सियासत में दल-बदल के बाद एक और बड़ा फैसला सामने आया है। प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि सरकार गिराने के प्रयास में शामिल रहे 9 पूर्व विधायकों में से पहली बार चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे चैतन्य शर्मा और देवेंद्र भुट्टो पेंशन के हकदार नहीं होंगे।
वहीं, शेष 7 पूर्व विधायकों को उनके पिछले कार्यकाल के आधार पर पेंशन और अन्य भत्तों का लाभ मिलता रहेगा। इन नेताओं ने पहले भी विधानसभा चुनाव जीते हैं, जिसके चलते वे निर्धारित नियमों के तहत सुविधाओं के पात्र बने रहेंगे।
सरकार की ओर से इस संबंध में सदस्यों की पेंशन और भत्तों को वापस लेने से जुड़ा विधेयक बुधवार को विधानसभा में पेश किया जाएगा। जानकारी के अनुसार, इस विधेयक में नए सिरे से संशोधन किया जाएगा, जिससे पेंशन पात्रता को लेकर स्पष्ट प्रावधान लागू किए जा सकें।
गौरतलब है कि जिन 7 पूर्व विधायकों को पेंशन का लाभ मिलेगा, उनमें भाजपा विधायक सुधीर शर्मा, इंद्रदत्त लखनपाल, आशीष शर्मा (उपचुनाव) और पूर्व विधायक होशियार सिंह, रवि ठाकुर, के.एल. ठाकुर तथा राजेंद्र राणा शामिल हैं। ये सभी नेता पहले एक या उससे अधिक बार विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं।
यह पहला मौका होगा जब हिमाचल विधानसभा में चुने गए दो पूर्व विधायक पेंशन से वंचित रहेंगे, जिससे प्रदेश की राजनीति में एक नई मिसाल भी कायम होगी।
