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केरल, 24 मार्च। Communist Party of India (Marxist) ने केरल में चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी का आरोप है कि चुनाव आयोग द्वारा राजनीतिक दलों को भेजे गए एक आधिकारिक दस्तावेज के साथ संलग्न एफिडेविट पर Bharatiya Janata Party की सील लगी हुई थी।
CPI(M) का कहना है कि यह महज एक संयोग नहीं हो सकता और इस तरह की घटना से चुनावी संस्थाओं की निष्पक्षता पर संदेह पैदा होता है। पार्टी ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग भी की है।
वहीं, इस पूरे विवाद पर केरल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय ने सफाई दी है। अधिकारियों के अनुसार, यह एक क्लेरिकल एरर (लिपिकीय गलती) थी। बताया गया कि BJP केरल यूनिट ने वर्ष 2019 की एक गाइडलाइन की कॉपी दी थी, जिस पर पहले से ही पार्टी की सील लगी हुई थी। यही कॉपी गलती से अन्य राजनीतिक दलों को भेज दी गई।
CEO कार्यालय ने यह भी स्पष्ट किया कि जैसे ही इस त्रुटि का पता चला, 21 मार्च को संबंधित दस्तावेज को तुरंत वापस ले लिया गया। साथ ही, इस बारे में सभी राजनीतिक दलों और संबंधित अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है।
हालांकि, इस घटना के बाद चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। विपक्षी दल इस मामले को गंभीरता से उठा रहे हैं, जबकि चुनाव आयोग ने इसे तकनीकी चूक बताते हुए सुधारात्मक कदम उठाने की बात कही है।
